सरकार बदलते ही भाजपा विधायक ढूल्लू पर 10 करोड़ रंगदारी मांगने का केस दर्ज

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धनबाद:झारखंड में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बदलने और महागठबंधन की सरकार बनते ही अक्सर विवादों में रहने वाले भारतीय जनता पार्टी के काफी चर्चित विधायक ढुल्लू महतो की मुश्किलें बढ़ने लगी हैं। धनबाद पुलिस ने 20 माह पहले के ओरिएंटल स्ट्रक्चरल इंजीनियर्स प्राइवेट लिमिटेड(आउटसोर्सिंग कंपनी) से रंगदारी मामले में बीजेपी के बाघमारा विधायक के खिलाफ रविवार को एफआइआर दर्ज की है। यह मामला पिछले लगभग 20 माह से पुलिस फाइलों में लंबित पड़ा हुआ था।

खबरों के अनुसार पुलिस हेडक्वार्टर के निर्देश पर बाघमारा डीएसपी की जांच रिपोर्ट के आधार पर यह मामला दर्ज हुआ है। कंपनी प्रबंधन ने घटना की शिकायत जिला पुलिस प्रशासन के साथ-साथ राज्य और केंद्र सरकार से भी की थी। स्टेट व सेंट्रल गवर्नमेंट से भी की थी।

सूत्रों के अनुसार ओरिएंटल स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड के असिस्टेंट वाइस प्रेसिडेंट एसएस शेट्टी ने धनबाद पुलिस स्टेशन में कंपलेन की थी। कंपलेन में कहा गया कि वर्ष 2018 की 14 जून को एमएलए ढुल्लू महतो ने दिन के लगभग 11 बजे उनके साइट मैनेजर मुकेश चंदानी को धनबाद सर्किट हाउस में बुलाया। एमएलए ने कहा कि उनके खिलाफ सीएम तक शिकायत की गई है। एमएलए ने इस दौरान गलत भाषा का प्रयोग करते हुए बेइज्जत किया और शारीरिक रूप से क्षति पहुंचाने की धमकी दी।मैनेजर को रेप और एससी-एसटी के झूठे केस में फंसा देने की बात कही गई। कहा गया कि एमएलए के खिलाफ बोला तो बाहर फेंकवा दिया जायेगा। एमएलए ने यह भी कहा कि कंपनी को क्षति पहुंचाने का बहुत तरीका उनके पास है। मशीन जब्त कर ली जायेगी। यहां से कंपनी कोई भी सामान वापस नहीं ले जा सकेगी। एमएलए की अनुमति के बगैर कंपनी काम नहीं कर पायेगी। चाहे मुख्यमंत्री से शिकायत करें या प्रधानमंत्री से कोई फायदा नहीं होगा।

वहीं दूसरी ओर इसके अलावा ओरिएंटल स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड के असिस्टेंट वाइस प्रेसिडेंट एसएस शेट्टी ने एमएलए ढुल्लू महतो के खिलाफ पुलिस व मीडिया से शिकायत की थी। जिसमें कहा गया था कि ढुल्लू व उनके गुर्गों की दादागीरी से कंपनी त्रस्त है। ढाई वर्ष में कंपनी को काफी नुकसान हुआ। एमएलए से जब बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने प्रोजेक्ट पर काम बंद करने पर अपनी सहमति जताई और 10 करोड़ रुपये की मांग की।

वहीं शेट्टी ने यह भी आरोप लगाया था कि एमएलए अपने गुर्गो से डीजल खरीदने का दबाव बनाते हैं। डीजल की क्वालिटी घटिया है। इसके इस्तेमाल से कंपनी के 150 वाहनों में खराबी आ चुकी है। एमएलए की नजर कंपनी के करोड़ों की मशीन पर है। वे मशीनों को हड़पना चाहते हैं।

बहरहाल कयास लगाए जा रहे हैं कि सरकार बदलते ही ढुल्लू महतो पर अन्य कई और मामले भी फिर से खुलेंगे जो राजनीतिक दबाव के चलते ठंडे बस्ते में रखे गए थे। फिलहाल इस मामले में क्या कार्रवाई होती है यह देखना है।