सातवीं सिविल सेवा परीक्षा रद, अभ्यार्थियों के हाथ में लड्डू देकर छिन लिया गया

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रांची : महज 3 दिनों में ही 7th JPSC Exam 2020 झारखंड लोक सेवा आयोग की सातवीं सिविल सेवा परीक्षा को रद कर दिया गया है। राज्य सरकार के निर्देश पर कार्मिक विभाग ने इस परीक्षा के आयोजन को लेकर भेजी गई अनुशंसा वापस मांग ली है। मुख्‍य सचिव डीके तिवारी ने बताया कि नोटिफिकेशन को दुरुस्‍त कर जल्‍द ही फिर से जारी किया जाएगा। सरकार जल्‍द से जल्‍द सातवीं जेपीएससी परीक्षा कराने को प्रतिबद्ध है। शनिवार को मीडिया से बातचीत में मुख्‍य सचिव ने साफ किया कि आरक्षण संबंधी प्रावधान के साथ झारखंड लोक सेवा आयोग जल्‍द ही इसकी अधिसूचना जारी कर देगा।

आरक्षण का प्रावधान नहीं होने के कारण परीक्षा रद

राज्य सरकार ने झारखंड लोक सेवा आयोग की सातवीं सिविल सेवा संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा को रद कर दिया है। राज्य सरकार के निर्देश पर कार्मिक विभाग ने इस परीक्षा के आयोजन को लेकर भेजी गई अनुशंसा वापस मांग ली है। राज्य सरकार ने आयोग द्वारा जारी सूचना में इसकी प्रारंभिक परीक्षा में आरक्षण का प्रावधान नहीं होने के कारण परीक्षा रद करने का निर्णय लिया। दैनिक जागरण ने शुक्रवार के अंक में ‘सातवीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में भी नहीं मिलेगा आरक्षण’ शीर्षक से खबर प्रकाशित कर इस मामले को उठाया था।

परीक्षा के माध्यम से की जानी थी 267 पदों पर नियुक्ति

आपको बता दें कि आयोग ने 26 फरवरी को नियुक्ति ‍के लिए विज्ञापन निकाला था। 7वीं, 8वीं और 9वीं जेपीएससी परीक्षा के माध्यम से 267 पदों पर नियुक्ति की जानी थी। इसमें डिप्टी कलेक्टर के 82, सहायक नगर आयुक्त के 65, झारखंड शिक्षा सेवा के 39, नियोजन पदाधिकारी के 7, डीएसपी के 40, जिला समादेष्टा के 16 और सहायक योजना पदाधिकारी के 18 पद थे। कुल पदों में सामान्य श्रेणी के लिए 120, एसटी के 68, एससी के 24, ओबीसी वन के 22, ओबीसी टू के लिए 11 और इडब्ल्यूएस के 22 पद थे।