हीरो को सलाम! ट्रेन के नीचे आने से जिस बच्चे को बचाया, उसे अपने ईनाम की आधी राशि दे दी

0

एक आम रेलवे कर्मचारी से सुपर हीरो बने मयूर शेलके की कुछ ही दिनों में फिर दोबारा से लोगों की प्रशंसा और दुआएं बटोर रहे हैं. पहले उनकी बहादुरी के लिए तारीफ हुई और अब तारीफ हो रही है दरियादिली के लिए. जी हां, इस कॉमन मैन सुपर हीरो ने इस बार फिर से दिल जीतने का काम किया है.

एक साधारण से रेलवे कर्मचारी मयूर शेलके एक नेत्रहीन मां के बच्चे को अपनी जान की बाजी लगा कर बचाने के कारण सुर्खियों में आए हैं. इस बहादुरी भरे कारनामे के बाद लोगों ने मयूर की जमकर तारीफ की. तारीफ के साथ साथ उन्हें रेलवे के अलावा अन्य निजी संस्थानों से भी इनाम देने की घोषणा की गई है. मयूर की बहादुरी के लिए उन्हें ईनाम मिलना ही चाहिए लेकिन इस बार उन्होंने ने जो किया है उसके लिए उन्हें जितना बड़ा इनाम दिया जाए वो कम ही होगा. दरअसल मयूर शेलके ने इनाम में मिलने वाली राशि का आधा हिस्सा उसी बच्चे के परिवार को देने का फैसला किया है जिसकी उन्होंने जान बचाई थी. बता दें कि सेंट्रल रेलवे ने उनकी बहादुरी के लिए 50 हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की है.

बता दें कि मयूर ने एक नेत्रहीन मां के बच्चे को बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डाल दी थी. बच्चे को बचाते हुए उनका वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ. प्रदेश के मुख्यमंत्री सहित केंद्रीय रेल मंत्री तथा आनंद महिंद्रा ने इनकी बहादुरी की जमकर तारीफ की. 17 अप्रैल को महाराष्ट्र के वंगाणी रेलवे एक मां अपने बच्चे का हाथ पकड़ कर चल रही थी. बच्चा ट्रैक के नजदीक था, अचानक उसका हाथ छूट गया और वह ट्रैक पर जा गिरा. गिरने के साथ ही बच्चा चिल्लाने लगा और उसकी मां उसे बचाने की कोशिश करने लगी. अगर मां नेत्रहीन ना होती तो अपने बच्चे को बचा ही लेती लेकिन अपनी अवस्था के कारण वह असहाय थी.

मां के दिल की धड़कनें तब और तेज हो गईं जब उसे महसूस हुआ कि जिस ट्रैक पर उसका बच्चा गिरा है उसी ट्रैक पर एक ट्रेन आ रही है. इसी बीच शेलके किसी सुपर हीरो की तरह तेजी से आए और बच्चे को ट्रैक से उठाकर प्लेटफॉर्म पर रख दिया. ये इतना आसान नहीं था क्योंकि बच्चा बच गया था मगर शेलके अभी भी ट्रैक पर ही थे. उन्होंने बड़ी फुर्ती से छलांग लगाई और खुद भी प्लेटफ़ॉर्म पर चढ़ गए. उनके ऊपर चढ़ते ही ट्रेन बड़ी तेजी के साथ वहां से गुजर गई. बता दें कि शेलके मुंबई के निकट वंगणी स्टेशन पर पॉइंट्समैन के तौर पर तैनात हैं.