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एसएमएफजी इंडिया क्रेडिट का ‘सर्वोत्तम सेवा’अभियान,1.55 लाख ग्रामीण हुए लाभान्वित

On: February 26, 2026 11:52 AM
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पशु विकास दिवस के आठवें संस्करण में 16 राज्यों में लगे शिविर, झारखंड के 380 परिवारों को सीधा फायदा

रांची: एसएमएफजी इंडिया क्रेडिट ने 14 फरवरी 2026 को अपनी प्रमुख ग्रामीण पहल ‘पशु विकास दिवस’ (पीवीडी) के आठवें संस्करण का सफल समापन किया। ‘सर्वोत्तम सेवा: पशु, परिवार और प्रगति’ थीम पर आयोजित इस अभियान के माध्यम से कंपनी ने पशुधन स्वास्थ्य, परिवार की सुरक्षा और स्थायी आर्थिक प्रगति को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

वर्ष 2014 में शुरू की गई यह पहल आज देश के सबसे बड़े एकदिवसीय पशु कल्याण कार्यक्रमों में शामिल हो चुकी है। इस वर्ष 16 राज्यों में फैली 510 ग्रामशक्ति शाखाओं के जरिए शिविरों का आयोजन किया गया। अभियान के तहत लगभग 1.4 लाख पशुओं का निःशुल्क उपचार किया गया, जबकि 14 हजार से अधिक लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं में सहयोग प्रदान किया गया। इससे 30 हजार से ज्यादा परिवारों को प्रत्यक्ष लाभ मिला। कुल मिलाकर 1.55 लाख से अधिक ग्रामीणों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा।
झारखंड में पांच स्थानों पर आयोजित शिविरों में करीब 4000 पशुओं की जांच, दवा वितरण और टीकाकरण किया गया। 380 से अधिक परिवारों को इसका लाभ मिला। प्रत्येक शिविर में स्थानीय पशु चिकित्सकों ने दुधारू पशुओं की उत्पादकता बढ़ाने, संतुलित आहार और नियमित टीकाकरण के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी।
कंपनी के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी रवि नारायणन ने कहा कि ग्रामीण भारत में पशुधन ही परिवारों की आर्थिक रीढ़ है। पशुओं का बेहतर स्वास्थ्य सीधे तौर पर परिवारों की आय और सुरक्षा से जुड़ा है।
उल्लेखनीय है कि इस पहल को लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और अन्य संस्थाओं से सम्मान मिल चुका है। वर्ष 2025 में इसने ‘सबसे बड़े कैटल वेलफेयर लेसन’ के लिए गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड भी दर्ज कराया।

Satish Sinha

मैं सतीश सिन्हा, बीते 38 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ा हूँ। इस दौरान मैंने कई अखबारों और समाचार चैनलों में रिपोर्टर के रूप में कार्य करते हुए न केवल खबरों को पाठकों और दर्शकों तक पहुँचाने का कार्य किया, बल्कि समाज की समस्याओं, आम जनता की आवाज़ और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की वास्तविक तस्वीर को इमानदारी से उजागर करने का प्रयास भी निरंतर करता रहा हूँ। पिछले तकरीबन 6 वर्षों से मैं 'झारखंड वार्ता' से जुड़ा हूँ और क्षेत्रीय से जिले की हर छोटी-बड़ी घटनाओं की सटीक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग के माध्यम से पत्रकारिता को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का प्रयास कर रहा हूँ।

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