हजारीबाग: जिले में पांच जंगली हाथियों के झुंड का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। चुरचू प्रखंड के गोंदवार गांव में छह लोगों की दर्दनाक मौत के महज 24 घंटे के भीतर हाथियों ने एक और जान ले ली। इस ताजा घटना से पूरे इलाके में दहशत का माहौल व्याप्त है।
शुक्रवार की रात गोंदवार गांव से सटे बहेरा पंचायत के कजरी गांव स्थित भुरकुंडा टोला में पांच हाथियों के झुंड ने अचानक हमला कर दिया। हाथियों ने गांव निवासी राजेश मुर्मु के घर को निशाना बनाया। उस वक्त घर के अंदर उनकी पत्नी फुलमुनी देवी सो रही थीं। हाथियों के घर पर धावा बोलते ही अफरा-तफरी मच गई। राजेश मुर्मु किसी तरह दीवार फांदकर अपनी जान बचाने में सफल रहे, लेकिन उनकी पत्नी फुलमुनी देवी हाथियों की चपेट में आ गईं। हाथियों ने उन्हें कुचल दिया, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। लोगों ने शोर-शराबा कर हाथियों को भगाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। महिला की मौत से पूरे टोले में मातम पसरा हुआ है।
गौरतलब है कि इससे एक दिन पहले गुरुवार को इसी हाथियों के झुंड ने आंगो थाना क्षेत्र और चुरचू प्रखंड के गोंदवार गांव में जमकर तांडव मचाया था। उस दौरान हाथियों ने अलग-अलग स्थानों पर छह लोगों को कुचलकर मार डाला था। लगातार हो रही मौतों से ग्रामीणों में भारी आक्रोश और भय का माहौल है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि वन विभाग की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाने के कारण ऐसी घटनाएं लगातार हो रही हैं।
पिछले पांच वर्षों में झारखंड में हाथियों के हमलों से 1400 से अधिक मौतें हुईं। पलामू, पूर्वी–पश्चिमी सिंहभूम, हजारीबाग, रामगढ़ और चतरा सबसे अधिक प्रभावित हैं। इतनी गंभीर स्थिति के बावजूद सरकार और वन विभाग हाथियों को नियंत्रित करने में प्रभावी कदम नहीं उठा पाए हैं।














