11 वर्षीय बच्ची गोल्टी लोहरा को इलाज के लिए भेजा गया बेंगलुरू

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ख़बर : चक्रधरपुर समाचार

सोनुवा प्रखंड टुनिया गाँव निवासी मनसा लोहरा की 12 वर्षीय बेटी गोल्टी लोहरा नस के बीमारी से ग्रसित है । गोल्टी के इलाज कुछ दिन मुन्दडा अस्पताल चाईबासा में चला और उसके बाद जमशेदपुर में भी चला जिसमें कुछ खास सुधार नहीं हुआ । किसी ने मनसा लोहरा को सुमिता होता फाउण्डेशन के अध्यक्ष सदानन्द होता से मिलने के लिए के कहा मनसा लोहरा सदानन्द होता से मिलने के पश्चात उन्होंने बच्ची गोल्टी को नीमहांस अस्पताल बेंगलुरू में इलाज कराने का सुझाव दिया । नीमहांस अस्पताल न्यूरो के लिए स्पेशल है तथा काफी कम पैसे में इलाज होता है । जिसके पश्चात मनसा लोहरा ने बच्ची को इलाज के लिए नीमहांस ले जाने का इच्छा जाहिर किया । जिसके पश्चात नीमहांस के ऑन लाइन बुकिंग किया गया तथा पुरा परिवार का अनुमडंल अस्पताल में करोना का जाँच हुआ । सुमिता होता फाउण्डेशन के द्वारा निर्देश पर न्यूरो से सम्बंधित कई मरीजों का इलाज अभी तक हो चुका है । शुक्रवार शाम को टाटा यशवंतपुर से भेजा गया । सदानन्द होता ,दिनेश जेना ,लालू दास तथा विवेक कुमार स्टेशन में मौजूद थें.