12 जनवरी : आज का पंचाग और राशिफ़ल

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🌞 ~ आज का पंचांग ~ 🌞

⛅ दिनांक 12 जनवरी 2020

⛅ दिन – रविवार

⛅ विक्रम संवत – 2076

⛅ शक संवत – 1941

⛅ अयन – दक्षिणायन

⛅ ऋतु – शिशिर

⛅ मास – माघ (गुजरात एवं महाराष्ट्र अनुसार – पौष)

⛅ पक्ष – कृष्ण

⛅ तिथि – द्वितीया रात्रि 08:11 तक तत्पश्चात तृतीया

⛅ नक्षत्र – पुष्य सुबह 11:50 तत्पश्चात अश्लेशा

⛅ योग – विष्कम्भ सुबह 10:46 तक तत्पश्चात प्रीति

⛅ राहुकाल – शाम 04:36 से शाम 05:56 तक

⛅ सूर्योदय – 07:19

⛅ सूर्यास्त – 18:14

⛅ दिशाशूल – पश्चिम दिशा में

⛅ व्रत पर्व विवरण – राष्ट्रीय युवा दिवस, रविपुष्यामृत योग सूर्योदय से सुबह 11:50 तक*

💥 *विशेष – द्वितीया को बृहती (छोटा बैंगन या कटेहरी) खाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)

🌷 संकष्टी चतुर्थी / संकट चौथ 🌷

➡ 13 जनवरी 2020 सोमवार को संकट चौथ, संकष्टी चतुर्थी का त्यौहार है। इस चतुर्थी को ‘माघीचतुर्थी’, ‘तिलचौथ’, ‘वक्रतुण्डी चतुर्थी’ भी कहा जाता है।

🙏🏻 इस दिन गणेश भगवान तथा संकट माता की पूजा का विधान है। संकष्ट का अर्थ है ‘कष्ट या विपत्ति’, ‘कष्ट’ का अर्थ है ‘क्लेश’, सम् उसके आधिक्य का द्योतक है। आज किसी भी प्रकार के संकट, कष्ट का निवारण संभव है। आज के दिन व्रत रखा जाता है। इस व्रत का आरम्भ ‘ गणपतिप्रीतये संकष्टचतुर्थीव्रतं करिष्ये ‘ – इस प्रकार संकल्प करके करें । सायंकालमें गणेशजी का और चंद्रोदय के समय चंद्र का पूजन करके अर्घ्य दें।

‘गणेशाय नमस्तुभ्यं सर्वसिद्धि प्रदायक।

संकष्टहर में देव गृहाणर्धं नमोस्तुते।

कृष्णपक्षे चतुर्थ्यां तु सम्पूजित विधूदये।

क्षिप्रं प्रसीद देवेश गृहार्धं नमोस्तुते।’

🙏🏻 नारदपुराण, पूर्वभाग अध्याय 113 में संकष्टीचतुर्थी व्रत का वर्णन इस प्रकार मिलता है।

माघकृष्णचतुर्थ्यां तु संकष्टव्रतमुच्यते । तत्रोपवासं संकल्प्य व्रती नियमपूर्वकम् ।। ११३-७२ ।।

चंद्रोदयमभिव्याप्य तिष्ठेत्प्रयतमानसः । ततश्चंद्रोदये प्राप्ते मृन्मयं गणनायकम् ।। ११३-७३ ।।

विधाय विन्यसेत्पीठे सायुधं च सवाहनम् । उपचारैः षोडशभिः समभ्यर्च्य विधानतः ।। ११३-७४ ।।

मोदकं चापि नैवेद्यं सगुडं तिलकुट्टकम् । ततोऽर्घ्यं ताम्रजे पात्रे रक्तचंदनमिश्रितम् ।। ११३-७५ ।।

सकुशं च सदूर्वं च पुष्पाक्षतसमन्वितम् । सशमीपत्रदधि च कृत्वा चंद्राय दापयेत् ।। ११३-७६ ।।

गगनार्णवमाणिक्य चंद्र दाक्षायणीपते । गृहाणार्घ्यं मया दत्तं गणेशप्रतिरूपक ।। ११३-७७ ।।

एवं दत्त्वा गणेशाय दिव्यार्घ्यं पापनाशनम् । शक्त्या संभोज्य विप्राग्र्यान्स्वयं भुंजीत चाज्ञया ।। ११३-७८ ।।

एवं कृत्वा व्रतं विप्र संकष्टाख्यं शूभावहम् । समृद्धो धनधान्यैः स्यान्न च संकष्टमाप्नुयात् ।। ११३-७९ ।।

🙏🏻 माघ कृष्ण चतुर्थी को ‘संकष्टवव्रत’ बतलाया जाता है। उसमें उपवास का संकल्प लेकर व्रती सबेरे से चंद्रोदयकाल तक नियमपूर्वक रहे। मन को काबू में रखे। चंद्रोदय होने पर मिट्टी की गणेशमूर्ति बनाकर उसे पीढ़े पर स्थापित करे। गणेशजी के साथ उनके आयुध और वाहन भी होने चाहिए। मिटटी में गणेशजी की स्थापना करके षोडशोपचार से विधिपूर्वक उनका पूजन करें । फिर मोदक तथा गुड़ से बने हुए तिल के लडडू का नैवेद्य अर्पण करें।

तत्पश्चात्‌ तांबे के पात्र में लाल चन्दन, कुश, दूर्वा, फूल, अक्षत, शमीपत्र, दधि और जल एकत्र करके निम्नांकित मंत्र का उच्चारण करते हुए उन्हें चन्द्रमा को अर्घ्य दें –

गगनार्णवमाणिक्य चन्द्र दाक्षायणीपते।

गृहाणार्घ्यं मया दत्तं गणेशप्रतिरूपक॥

‘गगन रूपी समुद्र के माणिक्य, दक्ष कन्या रोहिणी के प्रियतम और गणेश के प्रतिरूप चन्द्रमा! आप मेरा दिया हुआ यह अर्घ्य स्वीकार कीजिए।’

इस प्रकार गणेश जी को यह दिव्य तथा पापनाशन अर्घ्य देकर यथाशक्ति उत्तम ब्राह्मणों को भोजन कराने के पश्च्यात स्वयं भी उनकी आज्ञा लेकर भोजन करें। ब्रह्मन ! इस प्रकार कल्याणकारी ‘संकष्टवव्रत’ का पालन करके मनुष्य धन-धान्य से संपन्न होता है। वह कभी कष्ट में नहीं पड़ता।

🙏🏻 लक्ष्मीनारायणसंहिता में भी कुछ इसी प्रकार वर्णन मिलता है ।

माघकृष्णचतुर्थ्यां तु संकष्टहारकं व्रतम् ।

उपवासं प्रकुर्वीत वीक्ष्य चन्द्रोदयं ततः ।। १२८ ।।

मृदा कृत्वा गणेशं सायुधं सवाहनं शुभम् ।

पीठे न्यस्य च तं षोडशोपचारैः प्रपूजयेत् ।। १२९ ।।

मोदकाँस्तिलचूर्णं च सशर्करं निवेदयेत् ।

अर्घ्यं दद्यात्ताम्रपात्रे रक्तचन्दनमिश्रितम् ।। १३० ।।

कुशान् दूर्वाः कुसुमान्यक्षतान् शमीदलान् दधि ।

दद्यादर्घ्यं ततो विसर्जनं कुर्यादथ व्रती ।। १३१ ।।

भोजयेद् भूसुरान् साधून् साध्वीश्च बालबालिकाः ।

व्रती च पारणां कुर्याद् दद्याद्दानानि भावतः ।। १३२ ।।

एवं कृत्वा व्रतं स्मृद्धः संकटं नैव चाप्नुयात् ।

धनधान्यसुतापुत्रप्रपौत्रादियुतो भवेत् ।। १३३ ।।

➡ भविष्यपुराण में भी इस व्रत का वर्णन मिलता है ।

👉🏻 आज के दिन क्या करें

➡ १. गणपति अथर्वशीर्ष का पाठ अत्यन्त शुभकारी होगा ।

➡ २. गणेश भगवान को दूध (कच्चा), पंचामृत, गंगाजल से स्नान कराकर, पुष्प, वस्त्र आदि समर्पित करके तिल तथा गुड़ के लड्डू, दूर्वा का भोग जरूर लगायें। लड्डू की संख्या 11 या 21 रखें। गणेश जी को मोदक (लड्डू), दूर्वा घास तथा लाल रंग के पुष्प अति प्रिय हैं । गणेश अथर्वशीर्ष में कहा गया है “यो दूर्वांकुरैंर्यजति स वैश्रवणोपमो भवति” अर्थात जो दूर्वांकुर के द्वारा भगवान गणपति का पूजन करता है वह कुबेर के समान हो जाता है। “यो मोदकसहस्रेण यजति स वाञ्छित फलमवाप्रोति” अर्थात जो सहस्र (हजार) लड्डुओं (मोदकों) द्वारा पूजन करता है, वह वांछित फल को प्राप्त करता है।

➡ ३. आज गणपति के 12 नाम या 21 नाम या 101 नाम से पूजा करें ।

➡ ४. शिवपुराण के अनुसार “महागणपतेः पूजा चतुर्थ्यां कृष्णपक्ष के। पक्षपापक्षयकरी पक्षभोगफलप्रदा ॥ “ अर्थात प्रत्येक मास के कृष्णपक्ष की चतुर्थी तिथि को की हुई महागणपति की पूजा एक पक्ष के पापों का नाश करनेवाली और एक पक्ष तक उत्तम भोगरूपी फल देनेवाली होती है ।

➡ ५. किसी भी समस्या के समाधान के लिए आज संकट नाशन गणेश स्तोत्र के 11 पाठ करें।

🌷 विघ्नों और मुसीबतें दूर करने के लिए 🌷

🙏🏻 शिव पुराण में आता है कि हर महिने के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी ( पूनम के बाद की ) के दिन सुबह में गणपतिजी का पूजन करें और रात को चन्द्रमा में गणपतिजी की भावना करके अर्घ्य दें और ये मंत्र बोलें :

🌷 ॐ गं गणपते नमः ।

🌷 ॐ सोमाय नमः ।

🌷 कोई कष्ट हो तो 🌷

🙏🏻 हमारे जीवन में बहुत समस्याएँ आती रहती हैं, मिटती नहीं हैं ।, कभी कोई कष्ट, कभी कोई समस्या | ऐसे लोग शिवपुराण में बताया हुआ एक प्रयोग कर सकते हैं कि, कृष्ण पक्ष की चतुर्थी (मतलब पुर्णिमा के बाद की चतुर्थी ) आती है | उस दिन सुबह छः मंत्र बोलते हुये गणपतिजी को प्रणाम करें कि हमारे घर में ये बार-बार कष्ट और समस्याएं आ रही हैं वो नष्ट हों |

👉🏻 छः मंत्र इस प्रकार हैं –

🌷 ॐ सुमुखाय नम: : सुंदर मुख वाले; हमारे मुख पर भी सच्ची भक्ति प्रदान सुंदरता रहे ।

🌷 ॐ दुर्मुखाय नम: : मतलब भक्त को जब कोई आसुरी प्रवृत्ति वाला सताता है तो… भैरव देख दुष्ट घबराये ।

🌷 ॐ मोदाय नम: : मुदित रहने वाले, प्रसन्न रहने वाले । उनका सुमिरन करने वाले भी प्रसन्न हो जायें ।

🌷 ॐ प्रमोदाय नम: : प्रमोदाय; दूसरों को भी आनंदित करते हैं । भक्त भी प्रमोदी होता है और अभक्त प्रमादी होता है, आलसी । आलसी आदमी को लक्ष्मी छोड़ कर चली जाती है । और जो प्रमादी न हो, लक्ष्मी स्थायी होती है।

🌷 ॐ अविघ्नाय नम:

🌷 ॐ विघ्नकरत्र्येय नम:

आज का राशिफ़ल

मेष: आज आपका दिन अच्छा बीतेगा। आपको अचानक से धन लाभ के मौके मिल सकते हैं। कारोबार को बढ़ाने के लिए आपको कुछ खास लोगों से मदद मिल सकती है। बड़े भाई-बहन से कोई अच्छा-सा गिफ्ट भी मिल सकता है। किसी सहकर्मी से जरूरी काम पर रोचक चर्चा हो सकती है। दूसरों की राय आपके लिए कारगर साबित होगी। जीवनसाथी के साथ आपके संबंध मजबूत होंगे।

वृष: आज का दिन सामान्य रहेगा। आप को अच्छा लाभ मिलेगा। काम के क्षेत्र में आपको फोकस अधिक करना होगा। व्यर्थ की बातों पर ध्यान नहीं देना होगा। भाई-बहनों और मित्रों के साथ वक्त बिताने को मिलेगा। जीवनसाथी से मतभेदों को दूर करने का प्रयास करें। पारिवारिक जीवन खुशनुमा रहेगा। स्वास्थ्य के मामले में दिन थोड़ा सा कमजोर हो सकता है।

मिथुन: आज का दिन आपके लिए विशेष फलदायक रहेगा। पुराने रुके हुए काम पूरे हो सकते हैं। आपकी सलाह से मित्रों और सहकर्मियों को काफी लाभ होगा। सीखने सिखाने के लिए आज का दिन अच्छा रहेगा। कार्यक्षेत्र में आपको नए आइडियाज आ सकते हैं। परिवार में सुख-शांति का माहौल रहेगा। हर निर्णय में अपने साथी को सहभागी बनाने से आपके रिश्तों में गहराई बढ़ेगी। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।

कर्क: व्यवसाय ठीक चलेगा। सुख के साधन जुटेंगे। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। करियर य जॉब को लेकर आपको कोई अच्छी खबर मिल सकती है। विद्यार्थी वर्ग सफलता हासिल करेगा। मनपसंद भोजन का आनंद मिलेगा। लेन-देन में सावधानी रखें। जीवनसाथी से किसी मामले में तनाव हो सकता है। कोई ऐसा कार्य न करें जिससे अपयश हो। अपने खान-पान का ध्यान रखें।

सिंह: आज आपका दिन फायदेमंद रहेगा। धन लाभ के नए रास्ते खुले नजर आएंगे। नौकरीपेशा लोगों को उन्नति के अवसर प्राप्त हो सकते हैं। विवाहितों के लिए आज का दिन यादगार रहने वाला है। आप फ्यूचर प्लानिंग कर सकते हैं। किसी काम के सिलसिले में यात्रा हो सकती है। सामाजिक मामलों में आप सम्मान और प्रतिष्ठा हासिल करेंगे। अपने प्रियजनों के साथ समय बिताएं।

कन्या: आज आपकी इनकम में वृद्धि होगी। आप अपने कामों में सफलता प्राप्त करेंगे। आपके आत्मविश्वास में बढ़ोतरी होगी। किसी से झगड़ा मोल लेना आपके लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। दांपत्य जीवन के लिए दिन काफी सामान्य रूप से बीतेगा। प्रेम जीवन में आपको उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ सकता है। कोई भी यात्रा करने से आपको बचना चाहिए।

तुला: आज आपका दिन बढ़िया रहेगा। नौकरी की तलाश कर रहे हैं तो आज सफलता मिलने के अच्छे आसार हैं। धन लाभ के योग हैं। किसी नए प्रोजेक्ट में निवेश करने के लिए संसाधन आसानी से मिल जाएंगे। सामाजिक कार्यों में आप बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेंगे। जीवन साथी के साथ आपको काफी अच्छा समय गुजारने के लिए मिल सकता है।

वृश्चिक: आज आप में ऊर्जा की कमी नहीं है। जॉब और बिजनेस में धन लाभ के योग हैं। यात्रा, निवेश व नौकरी मनोनुकूल लाभ देंगे। आज किसी नए काम के लिए नींव रखने के लिए अच्छा दिन है। दिन सामाजिक मेल-जोल में बीत सकता है। नए लोगों से जान-पहचान बढ़ेगी। आज अपने लिए थोड़ा समय अवश्य निकालें। प्रेम में सफलता मिल सकती है। अपनी सेहत का ध्यान रखें।

धनु: आज आपको सौभाग्य और सफलता प्राप्त होगी। आज का दिन आपके सभी लंबित कार्यों को पूरा करने के लिए उत्तम है। सहकर्मी आपके कार्यों को आसान बनाने और आपकी सहायता करने के लिए आगे आयेंगें। व्यवसायियों के लिए समय व्यस्त रहेगा। आज किसी भी तरह के निवेश के बारे में सोच विचार करने के लिए एक अच्छा दिन है ।

मकर: आज नए तरीके से खुद की छवि को बनाने का प्रयास कर सकते हैं। आपकी संवेदनशीलता और गर्मजोशी के कारण आप दूसरों को अधिक प्रिय लगेंगे। आप अपनी पसंद के नए स्थलों पर यात्रा कर सकते हैं। अपने साथी के साथ एक मजेदार एक्टिविटी की योजना बनाएं। आपको आज स्वास्थ्य संबंधी कोई समस्या नहीं है।

कुंभ: आज का दिन अनुकूल रहने वाला है। आपके लिये धन लाभ के नये रास्ते खुलेंगे। ऑफिस में बोनस मिल सकता है। जीवनसाथी के सहयोग से सब बेहतर रहेगा। आज कम खर्च में बढ़िया खरीददारी कर लेंगे। आज उन लोगों से बातचीत करने के लिए अच्छा दिन है, जिनसे आपकी मुलाकात कभी-कभी ही होती है।

मीन: आप कई मायनों में अपने आपको भाग्यशाली महसूस करेंगे। लॉटरी या शेयर बाजार से लाभ मिलने के संकेत हैं। आज कई लोग निर्णय के मामलों में आप पर निर्भर रह सकते हैं। बच्चों का ध्यान पढ़ाई में अधिक रहेगा। आपके रिश्ते आपकी कुछ बातों से प्रभावित हो सकते हैं। स्वास्थ्य के लिए समय सकारात्मक है।