1200 प्रवासियों को लेकर तेलंगाना से झारखंड के लिए पहली ट्रेन रवाना

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[वार्ता स्पेशल] एजेंसी: विभिन्न क्षेत्रों में फंसे झारखंडी मजदूर और छात्रों समेत तमाम प्रवासियों के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी आई है। नवसृजित राज्य तेलंगाना के लिंगमपल्ली से 1200 प्रवासियों को लेकर शुक्रवार को एक स्पेशल ट्रेन हटिया के लिए रवाना होने की खबर है। दूसरी ओर खबर यह भी है कि केंद्र के द्वारा प्रवासी मजदूरों को राज्यों को विभिन्न प्रदेशों से वापस बुलाने की हरी झंडी मिलते ही झारखंड सरकार भी सक्रिय नजर आ रही है। झारखंड सरकार के द्वारा साहिबगंज से पश्चिम बंगाल के लिए बसें गुरुवार को भेज दी गई। इन बसों से पश्चिम बंगाल में फंसे झारखंड के प्रवासियों को यहां लाया जाएगा।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक तेलंगाना में तेलंगाना में स्थानीय आरपीएफ के महानिदेशक अरुण कुमार ने कहा है कि तेलंगाना से खुली इस स्पेशल ट्रेन के 24 डिब्बों में लगभग 1200 प्रवासी हैं। उन्होंने कहा कि यह ट्रेन शुक्रवार की सुबह 4:50 पर लिंगरपल्ली से रवाना हुई है। जो झारखंड के हटिया के लिए रवाना हुई है।

बता दें कि कतिपय प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों के द्वारा विभिन्न राज्यों में फंसे प्रवासी मजदूरों को लाने के लिए स्पेशल ट्रेन चलाने की गुहार केंद्र सरकार से लगाई गई थी। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने गुरुवार को केंद्र सरकार से अपने प्रवासियों को वापस लाने के लिए स्पेशल ट्रेन चलाने की गुहार लगाई थी।

बता दें कि कतिपय प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों के द्वारा विभिन्न राज्यों में फंसे प्रवासी मजदूरों को लाने के लिए स्पेशल ट्रेन चलाने की गुहार केंद्र सरकार से लगाई गई थी। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने गुरुवार को केंद्र सरकार से अपने प्रवासियों को वापस लाने के लिए स्पेशल ट्रेन चलाने की गुहार लगाई थी।

दूसरी ओर प्रवासी मजदूरों के लिए खुशी की खबर यह भी है कि झारखंड सरकार के प्रवक्ता के मुताबिक राज्य सरकार ने अपने मजदूरों को वापस लाने के लिए सबसे पहले साहिबगंज से पश्चिम बंगाल के लिए राज्य सरकार की बसें भेजी हैं। इन बसों में पश्चिम बंगाल के वैसे मजदूरों को साहिबगंज से भेजा गया है। जिन्होंने साहिबगंज के अलग अलग क्वॉरेंटाइन सेंटरों में निर्धारित क्वॉरेंटाइन की अवधि समाप्त कर ली है। पश्चिम बंगाल से लौटते वक्त इन्हीं बसों में झारखंड के प्रवासी मजदूर भी आएंगे लेकिन अन्य राज्यों से श्रमिकों और छात्रों और पर्यटक को वापस लाने की व्यवस्था पर उनके द्वारा फिलहाल कोई जवाब नहीं दिया गया।