गढ़वा: स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में रंका प्रखंड के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी), रंका ने एक बार फिर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। शनिवार, 24 जनवरी को आयोजित मोतियाबिंद ऑपरेशन शिविर में 20 मरीजों का सफलतापूर्वक ऑपरेशन किया गया।
गौरतलब है कि गढ़वा जिले में किसी भी अन्य सरकारी अस्पताल में अब तक मोतियाबिंद ऑपरेशन की सुविधा उपलब्ध नहीं है। ऐसे में सीएचसी रंका जिले का एकमात्र सरकारी स्वास्थ्य केंद्र है, जहाँ यह सेवा नियमित रूप से प्रदान की जा रही है। इस शिविर में आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत 20 कार्डधारी मरीजों का नि:शुल्क ऑपरेशन किया गया।
इससे पहले 10 जनवरी को आयोजित शिविर में 40 मरीजों का सफल ऑपरेशन किया गया था। इस प्रकार अब तक कुल 60 मरीजों का मोतियाबिंद ऑपरेशन सफलता पूर्वक किया जा चुका है।
यह ऐतिहासिक उपलब्धि सीएचसी रंका के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. असजद अंसारी एवं पूरी चिकित्सकीय टीम के अथक प्रयासों का परिणाम है। जिले के किसी भी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पहली बार मोतियाबिंद ऑपरेशन कर सीएचसी रंका ने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में नई पहचान बनाई है।
शिविर के दौरान मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा, समुचित देखभाल एवं आवश्यक परामर्श उपलब्ध कराया गया। ऑपरेशन के बाद मरीजों के चेहरे पर संतोष और राहत साफ झलक रही थी।
इस अवसर पर चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. गोरखनाथ पांडेय विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने सफल आयोजन के लिए पूरी टीम को बधाई दी।
सीएचसी रंका के प्रभारी डॉ. असजद अंसारी ने कहा, ‘यह हमारे लिए गर्व का क्षण है। टीमवर्क के कारण ही यह संभव हो सका। हमारा निरंतर प्रयास रहेगा कि ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को बेहतर, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिलती रहें।‘
उन्होंने झारखंड सरकार एवं स्वास्थ्य मंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।
वहीं डॉ. गोरखनाथ पांडेय ने कहा, ‘सीएचसी रंका ने वास्तव में इतिहास रच दिया है। यह उपलब्धि पूरे गढ़वा जिले के लिए प्रेरणादायक है और भविष्य में ऐसे और प्रयासों का मार्ग प्रशस्त करेगी।’
इस मौके पर डॉ. भानु प्रताप सिंह, डॉ. सुष्मिता सिंह, बीपीएम नारायण प्रसाद, समाजसेवी अमरेन्द्र कुमार सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।














