झारखंड वार्ता संवाददाता
गढ़वा: स्पेशल जज पॉक्सो कोर्ट सह जिला जज प्रथम दिनेश कुमार की अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म के एक जघन्य मामले में बड़ा और सख्त फैसला सुनाया है। अदालत ने रंका थाना क्षेत्र के सिकट गांव निवासी अखिलेश सिंह को दोषी करार देते हुए 25 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दोषी पर एक लाख रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया गया है।
मामला 21 अगस्त 2023 का है। पीड़िता की मां दिलवंती देवी द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी के अनुसार, घटना के दिन शाम करीब पांच बजे अभियुक्त अखिलेश सिंह मोबाइल खोजने का बहाना बनाकर उनकी 14 वर्षीय बेटी को आमराही स्थित महुआ के पेड़ के पास ले गया। शाम करीब सात बजे जब बच्ची घर लौटी तो उसने परिजनों को बताया कि अभियुक्त उसे झाड़ी में ले गया और जबरन उसके साथ दुष्कर्म किया।
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत में पीड़िता का धारा 164 के तहत बयान दर्ज किया गया। साथ ही अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने अभियुक्त को पॉक्सो एक्ट के तहत दोषी पाया।
अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि इस तरह के अपराधों में किसी भी प्रकार की नरमी समाज के लिए घातक होगी। इसलिए दोषी को कठोर सजा देना आवश्यक है। इसी क्रम में अभियुक्त अखिलेश सिंह को 25 वर्ष का सश्रम कारावास और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई।
इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से उमेश दीक्षित ने पैरवी की, जबकि बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता अशोक तिवारी ने अदालत में पक्ष रखा।
गढ़वा: नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को 25 वर्ष सश्रम कारावास, कोर्ट ने एक लाख का लगाया जुर्माना














