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8 महीने से बंधक बने झारखंड के 5 मजदूर लौटे भारत, नाइजर में हो गया था अपहरण

On: January 10, 2026 3:49 PM
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गिरिडीह: पश्चिम अफ्रीकी देश नाइजर में अगवा किए गए झारखंड के पांच श्रमिकों को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। करीब आठ महीने तक बंधक रहने के बाद सभी पांचों मजदूर शुक्रवार को सकुशल भारत लौट आए। उनकी सुरक्षित वापसी से परिजनों के साथ-साथ पूरे राज्य में खुशी का माहौल है।


झारखंड सरकार के श्रम विभाग के अंतर्गत संचालित राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष की प्रमुख शिखा लाकड़ा ने इसकी आधिकारिक पुष्टि करते हुए बताया कि गिरिडीह जिले के बगोदर प्रखंड के रहने वाले सभी पांचों श्रमिक मुंबई एयरपोर्ट पर सुरक्षित पहुंच चुके हैं। फिलहाल एयरपोर्ट पर उनका स्वास्थ्य परीक्षण और जरूरी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं, जिसके बाद वे 14 जनवरी को अपने गृह जिले के लिए रवाना होंगे।


25 अप्रैल 2025 को हुआ था अपहरण


जानकारी के अनुसार, यह घटना 25 अप्रैल 2025 की है, जब झारखंड के ये मजदूर नाइजर में एक कंपनी की साइट पर कार्यरत थे। कार्यस्थल से लगभग 25 से 30 किलोमीटर दूर तेलाबारी क्षेत्र में काम के दौरान हथियारबंद गिरोह ने इन्हें अगवा कर लिया था।
इस घटना में कुल 26 स्थानीय नागरिकों और 12 अन्य देशों के मजदूरों को भी बंधक बनाया गया था, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ गई थी।


रिहाई के लिए चला लंबा कूटनीतिक प्रयास


घटना की जानकारी मिलते ही कंपनी प्रबंधन, स्थानीय प्रशासन, भारतीय राजदूत और भारतीय दूतावास हरकत में आ गए थे। वहीं, झारखंड सरकार का राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष, केंद्रीय विदेश मंत्रालय (MEA) और भारतीय दूतावास लगातार समन्वय बनाकर मजदूरों की सुरक्षित रिहाई के प्रयास में जुटे रहे।
लगातार आठ महीनों तक चले कूटनीतिक और प्रशासनिक प्रयासों के बाद यह मिशन आखिरकार सफल रहा। मजदूरों की सुरक्षित रिहाई को एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है, क्योंकि लंबे समय तक उनकी वापसी को लेकर उम्मीदें कमजोर होती जा रही थीं।


इन मजदूरों की हुई सुरक्षित वापसी


रिहा किए गए झारखंड के श्रमिकों में शामिल हैं फलजीत महतो, राजू कुमार, चंद्रिका महतो, संजय महतो और उत्तम महतो। सभी मजदूर पिछले आठ महीनों से संघर्ष, डर और अनिश्चितता के माहौल में कैद थे।


मुख्यमंत्री और श्रम विभाग की अहम भूमिका


मजदूरों की रिहाई में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, झारखंड सरकार के श्रम विभाग, राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष और केंद्र सरकार के बीच बेहतर समन्वय देखने को मिला। मुख्यमंत्री के निर्देश पर मजदूरों का विदेश में पता लगाया गया और उनकी रिहाई के लिए केंद्र सरकार का सहयोग सुनिश्चित किया गया।


जल्द अपने घर पहुंचेंगे मजदूर


मुंबई पहुंचने के बाद सभी मजदूरों को सुरक्षित देखा गया। स्वास्थ्य जांच पूरी होते ही उन्हें जल्द ही झारखंड के लिए रवाना किया जाएगा। उनके घर लौटने का इंतजार कर रहे परिजनों के लिए यह पल किसी राहत से कम नहीं है।

Vishwajeet

मेरा नाम विश्वजीत कुमार है। मैं वर्तमान में झारखंड वार्ता (समाचार संस्था) में कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हूं। समाचार लेखन, फीचर स्टोरी और डिजिटल कंटेंट तैयार करने में मेरी विशेष रुचि है। सटीक, सरल और प्रभावी भाषा में जानकारी प्रस्तुत करना मेरी ताकत है। समाज, राजनीति, खेल और समसामयिक मुद्दों पर लेखन मेरा पसंदीदा क्षेत्र है। मैं हमेशा तथ्यों पर आधारित और पाठकों के लिए उपयोगी सामग्री प्रस्तुत करने का प्रयास करता हूं। नए विषयों को सीखना और उन्हें रचनात्मक अंदाज में पेश करना मेरी कार्यशैली है। पत्रकारिता के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की कोशिश करता हूं।

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