देवघर: जिले के मधुपुर थाना क्षेत्र के लालगढ़ मोहल्ले में बृहस्पतिवार को करीब 100 साल पुराने काली मंदिर के जीर्णोद्धार से जुड़े विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। इस घटना में कम से कम सात लोग घायल हो गए। पुलिस के अनुसार, हालात को देखते हुए इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए हैं और स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है।
बताया जा रहा है कि रजक परिवार द्वारा मंदिर के पुनर्निर्माण का कार्य कराया जा रहा था, जिसे लेकर समुदाय विशेष के कुछ लोगों ने आपत्ति जताई। स्थानीय लोगों का कहना है कि मंदिर के पुराने स्वरूप को बनाए रखने को लेकर विरोध जताया गया, जो बाद में हिंसक झड़प में बदल गया पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, विवाद की शुरुआत उस समय हुई जब एक युवक की कथित तौर पर दूसरे समुदाय के कुछ लोगों द्वारा पिटाई कर दी गई। इस घटना के बाद दोनों समुदायों के लोग आमने-सामने आ गए और देखते ही देखते झड़प शुरू हो गई। झड़प के दौरान दोनों ओर से पथराव हुआ, जिसमें सात लोग घायल हो गए।
मधुपुर के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) सत्येंद्र प्रसाद ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। उन्होंने कहा कि घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एसडीपीओ के अनुसार, मंदिर के जीर्णोद्धार को लेकर बुधवार रात से ही इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ था, जो बृहस्पतिवार को हिंसा में बदल गया।
घटना के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। गोड्डा से भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए राज्य सरकार और सत्तारूढ़ दलों पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि झारखंड में हिंदू अपनी जमीन पर मंदिर तक नहीं बना सकते। सांसद ने मधुपुर विधानसभा क्षेत्र के लालगढ़ की घटना का हवाला देते हुए मंत्री हफीजुल हसन की भूमिका की जांच की मांग की और आरोप लगाया कि हिंसा के दौरान महिलाओं और बच्चों को भी निशाना बनाया गया।
हालांकि प्रशासन की ओर से राजनीतिक आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।
फिलहाल लालगढ़ इलाके में पुलिस बल की तैनाती जारी है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।














