71st National Film Awards: देश की राजधानी दिल्ली के विज्ञान भवन में मंगलवार को राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह का भव्य आयोजन हुआ। इस मौके पर भारतीय सिनेमा के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले कलाकारों और फिल्मों को सम्मानित किया गया। इस साल ‘जवान’, ‘एनिमल’, ‘रॉकी और रानी की प्रेम कहानी’, ‘सैम बहादुर’ और ‘12वीं फेल’ जैसी चर्चित फिल्मों ने कई महत्वपूर्ण पुरस्कार अपने नाम किए।
मोहनलाल को मिला दादासाहेब फाल्के अवॉर्ड
मलयालम सिनेमा के महानायक मोहनलाल को भारतीय सिनेमा में चार दशक से अधिक लंबे योगदान के लिए प्रतिष्ठित दादासाहेब फाल्के अवॉर्ड से नवाजा गया। सम्मान ग्रहण करते हुए उन्होंने कहा “यह मेरे लिए गहन गौरव और कृतज्ञता का क्षण है। मलयालम फिल्म इंडस्ट्री का प्रतिनिधि बनकर यहां खड़ा होना मेरे लिए सम्मान की बात है। यह पल सिर्फ मेरा नहीं बल्कि पूरे मलयालम सिनेमा परिवार का है। मैंने कभी सपनों में भी इस क्षण की कल्पना नहीं की थी। यह उपलब्धि मुझे और जिम्मेदारियों के प्रति और भी समर्पित बनाती है।”
मुख्य श्रेणियों में बड़े नामों की चमक
बेस्ट एक्टर: शाहरुख खान (जवान) और विक्रांत मैसी (12वीं फेल)
बेस्ट एक्ट्रेस: रानी मुखर्जी (मिसेज चटर्जी वर्सेस नॉर्वे)
बेस्ट फीचर फिल्म: 12वीं फेल
बेस्ट हिंदी फिल्म: कटहल
बेस्ट पॉपुलर फिल्म: रॉकी और रानी की प्रेम कहानी
बेस्ट डायरेक्शन: सुदिप्तो सेन (द केरल स्टोरी)
क्षेत्रीय भाषाओं की फिल्मों का भी जलवा
राष्ट्रीय पुरस्कारों में इस बार विभिन्न भारतीय भाषाओं की फिल्मों ने भी अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज कराई।
बेस्ट तमिल फिल्म: पार्किंग
बेस्ट तेलुगू फिल्म: भगवंत केसरी
बेस्ट मलयालम फिल्म: उल्लुझुकु
बेस्ट मराठी फिल्म: श्यामचि आई
बेस्ट कन्नड़ फिल्म: कंडीलू
बेस्ट पंजाबी फिल्म: गोड्डे गोड्डे चा
बेस्ट बंगाली फिल्म: डीप फ्रीज
तकनीकी और संगीत श्रेणियों में खास उपलब्धियां
बेस्ट मेल प्लेबैक सिंगर: पीवीएनएस रोहित (बेबी, तेलुगू)
बेस्ट फीमेल प्लेबैक सिंगर: शिल्पा राव (जवान का गाना चलेया)
बेस्ट सिनेमेटोग्राफी: प्रशांतनु मोहपात्रा (द केरल स्टोरी)
बेस्ट डायलॉग राइटर: दीपक किंगरानी (सिर्फ एक बंदा काफी है)
बेस्ट कोरियोग्राफी: वैभवी मर्चेंट (ढिंढोरा बाजे – रॉकी और रानी की प्रेम कहानी)
बेस्ट एक्शन डायरेक्शन: हनु-मान (तेलुगू)
नॉन-फीचर कैटेगरी में भी नई प्रतिभाओं को मौका
नॉन-फीचर फिल्म श्रेणी में भी कई नई प्रतिभाओं ने अपनी पहचान बनाई।
बेस्ट शॉर्ट फिल्म: गिद्ध – द स्कैवेंजर (हिंदी)
बेस्ट डॉक्यूमेंट्री फिल्म: गॉड, वल्चर एंड ह्यूमन (इंग्लिश)
बेस्ट आर्ट्स/कल्चर फिल्म: टाइमलेस तमिलनाडु (इंग्लिश)
बेस्ट नॉन फीचर फिल्म: द फ्लॉवरिंग मैन (हिंदी)
बेस्ट डायरेक्टर (नॉन फीचर): पीयूष ठाकुर (द फर्स्ट फिल्म)
राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह हर साल भारतीय सिनेमा की विविधता और प्रतिभा का उत्सव मनाने का सबसे बड़ा मंच माना जाता है। इस बार मोहनलाल से लेकर शाहरुख खान और रानी मुखर्जी तक, दिग्गजों और नई पीढ़ी की प्रतिभाओं को एक साथ सम्मानित कर यह समारोह भारतीय सिनेमा के स्वर्णिम भविष्य की झलक पेश करता है।
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