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घाटशिला उप चुनाव में टाइगर जयराम की पार्टी भी कूदी, होगा त्रिकोणीय मुकाबला

On: October 13, 2025 10:23 PM
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रिपोर्ट सतीश सिन्हा

जमशेदपुर: पूरे झारखंड में आदिवासी बनाम कुर्मी जंग छिड़ी हुई है इसको लेकर सियासत तेज है। इसी बीच घाटशिला उपचुनाव आन पड़ी है और झारखंड के स्वर्गीय शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन की सीट फिर से झारखंड मुक्ति मोर्चा अपने कब्जे में रखना चाहती है वहीं भारतीय जनता पार्टी भी घाटशिला सीट झारखंड मुक्ति मोर्चा से छीनकर अपने कब्जे में करने के लिए पूरी जोर लगा रही है। जिसके कारण महागठबंधन एनडीए के बीच सीधा मुकाबला नजर आ रहा था लेकिन खबर आ रही है कि झारखंड लोकतांत्रिक क्रांति मोर्चा विधायक टाइगर जयराम महतो की पार्टी भी इस जंग में कूद चुकी है। जिसके करण घाटशिला उपचुनाव में और दिलचस्प मुकाबला होने की पुरजोर संभावना है। मतलब साफ है अब त्रिकोणीय मुकाबला माना जा रहा है।

टाइगर जयराम महतो में ट्वीट करते हुए कहा है कि घाटशिला उपचुनाव को लेकर आज JLKM पार्टी के केंद्रीय समिति की बैठक में शामिल हुआ. तोपचांची के प्रकृति, पहाड़ और जंगल के बीच जुझारू साथियों के साथ घाटशिला उपचुनाव को लेकर गहन चर्चा हुई.
काफ़ी विचार विमर्श के बाद पार्टी ने घाटशिला उपचुनाव लड़ने का निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया.

पार्टी मजबूती से चुनाव लड़ेगी.
जल्द ही संसदीय बोर्ड की बैठक के बाद प्रत्याशी की घोषणा कर दी जाएगी.
बिगुल बज चुका है, सेना भी तैयार है. सभी साथियों को शुभकामनाएँ. संघर्ष जारी रहेगा।

इधर घाटशिला उपचुनाव को लेकर चार लोगों ने नामांकन पत्र खरीदा है। जिसमें झारखंड के पूर्व शिक्षा मंत्री स्वर्गीय रामदास सोरेन के पुत्र सोमेश चन्द्र सोरेन भी शामिल हैं।

1. रामकृष्ण कान्ति माहली- अवतारण माहली- ग्राम- लाटिया, पोo- बदिया, मुसाबनी
2. परमेश्वर टुडू- शिवचरण टुडू- ग्राम- बाघुड़िया, भुरूडांगा टोला, केशरपुर, गालुडीह
3. नारायण सिंह- समय सिंह- ग्राम- उल्दा, पोo- महुलिया, गालुडीह थाना
4. सोमेश चन्द्र सोरेन- स्व0 रामदास सोरेन, ग्राम घोड़ाबांधा, गोविंदपुर थाना

फिलहाल नामांकन शून्य है।

Satish Sinha

मैं सतीश सिन्हा, बीते 38 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ा हूँ। इस दौरान मैंने कई अखबारों और समाचार चैनलों में रिपोर्टर के रूप में कार्य करते हुए न केवल खबरों को पाठकों और दर्शकों तक पहुँचाने का कार्य किया, बल्कि समाज की समस्याओं, आम जनता की आवाज़ और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की वास्तविक तस्वीर को इमानदारी से उजागर करने का प्रयास भी निरंतर करता रहा हूँ। पिछले तकरीबन 6 वर्षों से मैं 'झारखंड वार्ता' से जुड़ा हूँ और क्षेत्रीय से जिले की हर छोटी-बड़ी घटनाओं की सटीक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग के माध्यम से पत्रकारिता को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का प्रयास कर रहा हूँ।

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