Makhana: सेहत के प्रति जागरूक लोग आजकल स्नैक के रूप में मखाना (Fox Nuts) खूब खा रहे हैं। व्रत के दिनों में भी इसका खूब इस्तेमाल होता है। यह प्रोटीन, फाइबर, आयरन और कैल्शियम से भरपूर होता है और हेल्थ के लिए सुपरफूड माना जाता है। लेकिन बाजार में इन दिनों असली नहीं, बल्कि नकली मखाने बड़ी मात्रा में बिक रहे हैं, जो दिखने में बिल्कुल असली जैसे होते हैं लेकिन सेहत के लिए बेहद हानिकारक साबित हो सकते हैं।
कैसे बनते हैं नकली मखाने
जानकारों के मुताबिक, नकली मखाने तैयार करने के लिए अक्सर सस्ते और घटिया क्वालिटी के बीजों का इस्तेमाल किया जाता है। इन्हें केमिकल और पॉलिश से चमकाया जाता है ताकि ये सफेद और आकर्षक दिखें। लेकिन इनका पोषण मूल्य लगभग खत्म हो जाता है। ऐसे मखाने पेट के लिए भारी पड़ सकते हैं और पाचन से जुड़ी कई समस्याएं पैदा कर सकते हैं।
सेहत पर असर
नकली या केमिकल वाले मखाने खाने से गैस, एसिडिटी और अपच जैसी परेशानियां हो सकती हैं। एलर्जी या स्किन रिएक्शन भी देखने को मिल सकते हैं। लंबे समय तक सेवन करने पर ये लिवर और पेट की सेहत को भी नुकसान पहुंचा सकते हैं।
असली और नकली मखाने की पहचान ऐसे करें
1. पानी टेस्ट करें: एक गिलास पानी में कुछ मखाने डालें। अगर वे ऊपर तैरें, तो समझिए मखाने असली हैं। अगर नीचे बैठ जाएं या पानी का रंग बदलने लगे, तो वे नकली या केमिकल वाले हैं।
2. रंग और चमक देखें: असली मखाने हल्के ऑफ-व्हाइट रंग के होते हैं और उनकी सफेदी प्राकृतिक लगती है। नकली मखाने ज्यादा चमकदार और चिकने दिखते हैं क्योंकि उन पर पॉलिश की जाती है।
3. गंध से पहचानें: असली मखानों में कोई गंध नहीं होती। लेकिन नकली मखाने केमिकल जैसी या गीले कागज जैसी गंध देते हैं।
4. तोड़कर देखें: असली मखाने के अंदर का हिस्सा सफेद और स्पंजी होता है। नकली मखाने अंदर से पीले या भूरे रंग के दिखते हैं।
5. भूनकर टेस्ट करें: तवे पर हल्का भूनने पर असली मखाना कुरकुरा और हल्का फूला हुआ बन जाता है। नकली मखाना या तो काला हो जाएगा या सिकुड़ जाएगा।
खरीदते समय रखें सावधानी
• हमेशा विश्वसनीय ब्रांड या प्रमाणित दुकान से ही मखाना खरीदें।
• खुले में बिक रहे थोक मखाने लेने से बचें।
• पैकेट पर निर्माण तिथि और एक्सपायरी डेट जरूर जांचें।
• यदि मखाने का रंग या बनावट असामान्य लगे, तो उसे न खरीदें।
मखाना वाकई सेहत के लिए फायदेमंद है, लेकिन तभी जब वह असली और शुद्ध हो। थोड़ी सी सावधानी अपनाकर आप नकली मखानों के जाल से बच सकते हैं और अपने परिवार को सेहतमंद रख सकते हैं।
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