रांची: झारखंड के सभी शहरी क्षेत्रों में अब पालतू कुत्ते और बिल्लियों का रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य हो गया है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा आवारा कुत्तों से जुड़ी घटनाओं पर स्वतः संज्ञान लेते हुए जारी आदेश के बाद राज्य के नगर निकायों ने पालतू पशुओं के पंजीकरण को लेकर सख्ती शुरू कर दी है।
रजिस्ट्रेशन के लिए जरूरी दस्तावेज
नगर निकायों ने बताया कि पालतू पशु के रजिस्ट्रेशन के दौरान मालिक को पहचान पत्र, टीकाकरण प्रमाण पत्र और पालतू पशु का एक फोटो देना अनिवार्य होगा। आम नागरिकों के लिए पंजीकरण शुल्क 100 रुपये, जबकि व्यावसायिक या ब्रीडिंग के उद्देश्य से पालतू जानवर रखने वालों के लिए 1000 रुपये तय किया गया है।
सुप्रीम कोर्ट ने जताई थी चिंता
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने देशभर में बढ़ती आवारा कुत्तों की घटनाओं पर चिंता जताते हुए राज्यों को सख्त निर्देश दिए थे। अदालत ने कहा था कि इंस्टीट्यूशनल और पब्लिक साइट्स से आवारा कुत्तों को हटाने की प्रक्रिया को तेज किया जाए और इस पर प्रगति रिपोर्ट मुख्य सचिव के माध्यम से अदालत में सौंपी जाए।
रांची नगर निगम क्षेत्र में कम पंजीकरण
रांची नगर निगम की रिपोर्ट के अनुसार, निगम क्षेत्र में करीब 25 हजार पालतू कुत्ते हैं, लेकिन अब तक केवल 1 हजार का ही पंजीकरण कराया गया है। 2017 में हुए सर्वेक्षण के मुताबिक शहर में करीब 1.25 लाख कुत्ते पाए गए थे, जबकि 2012 में यह संख्या 1.37 लाख से अधिक थी।
नसबंदी और टीकाकरण अभियान जारी
कुत्तों की बढ़ती संख्या को नियंत्रित करने के लिए निगम और पशुपालन विभाग संयुक्त रूप से काम कर रहे हैं। एनिमल बर्थ कंट्रोल एक्ट 2023 के तहत अब तक 1.33 लाख आवारा कुत्तों की नसबंदी की जा चुकी है। वहीं, पिछले दो वर्षों में 4166 कुत्तों को एंटी-रेबीज टीका लगाया गया है।
नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि लोगों को पालतू पशुओं का पंजीकरण कराना चाहिए ताकि उनकी पहचान, टीकाकरण और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। इसके साथ ही, यह कदम आवारा कुत्तों की संख्या को नियंत्रित करने में भी सहायक होगा।
नगर निकायों ने अपील की है कि सभी पालतू पशु मालिक अपने जानवरों का रजिस्ट्रेशन शीघ्र कराएं, अन्यथा कार्रवाई के लिए तैयार रहें।
झारखंड में अब पालतू कुत्ते और बिल्लियों का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य, लगेंगे ये डॉक्यूमेंट्स













