खूंटी: भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के अवसर पर झारखंड का ऐतिहासिक खूंटी जिला आज गर्व और उत्सव से झूम उठा। धरती आबा की जन्मस्थली उलिहातु में शनिवार को राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय के केंद्रीय मंत्री जुएल ओराम पहुँचे।
तीनों शीर्ष नेताओं ने बिरसा मुंडा की जन्मभूमि पर पारंपरिक जनजातीय विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की और उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।

वंशजों का सम्मान, शॉल व स्मृति चिन्ह भेंट किए गए
कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल, मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री ने बिरसा मुंडा के वंशजों से भेंट की, उन्हें शॉल ओढ़ाकर और स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया। स्थानीय समुदाय ने भी नेताओं का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया।

जन्मस्थली विकास योजना का शिलान्यास
इस मौके पर भगवान बिरसा मुंडा की जन्मस्थली को सुरक्षित और आकर्षक बनाने के उद्देश्य से जीर्णोद्धार और सुंदरीकरण परियोजना का शिलान्यास भी किया गया।
योजना के तहत जन्मस्थली परिसर का पुनर्विकास, मुख्य द्वार का पुनर्निर्माण, और पारंपरिक आदिवासी कला एवं स्थापत्य का समावेश किया जाएगा।

मुख्य प्रवेश द्वार को तोड़कर उसकी जगह एक नया आदिवासी डिजाइन वाला भव्य द्वार बनाया जाएगा, जिससे आगंतुकों को प्रवेश करते ही आदिवासी संस्कृति और परंपरा का अनुभव मिल सके।
जनजातीय गौरव दिवस का विशेष आयोजन
भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के साथ-साथ ‘जनजातीय गौरव दिवस’ को भी उलिहातु में विशेष उत्साह से मनाया गया। बड़ी संख्या में लोग विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचकर इस ऐतिहासिक अवसर के साक्षी बने।












