RK Singh: पूर्व केंद्रीय मंत्री और आरा के पूर्व सांसद आरके सिंह एक बार फिर सुर्खियों में हैं। सोशल मीडिया पर उनका एक ऐसा वीडियो वायरल हो गया है, जिसने राजनीतिक माहौल में नई गर्मी ला दी है। कभी अपनी सख्त छवि और बेबाक अंदाज के लिए मशहूर रहे पूर्व आईएएस अधिकारी इस बार ऐसी भाषा का इस्तेमाल करते दिख रहे हैं, जिसकी हर तरफ आलोचना हो रही है।
वीडियो में आरके सिंह अपने कथित विरोधियों को तीखे शब्दों में चेतावनी देते दिख रहे हैं। वह कहते सुने जा सकते हैं कि जो भी उन पर उंगली उठाएगा, “उसकी दोनों आंख में उंगली घुसेड़ देंगे।” उन्होंने यह भी कहा कि अगर वे चुप हैं, तो उन्हें चुप ही रहने दिया जाए, वरना वह किसी को “नंगा करके रख देंगे” और ऐसा हाल करेंगे कि सामने वाले को “मुंह छिपाने की जगह नहीं मिलेगी।”
निलंबन और इस्तीफे के बाद पहला बड़ा विवाद
भाजपा ने हाल ही में पार्टी विरोधी गतिविधियों का आरोप लगाते हुए आरके सिंह को छह वर्ष के लिए निलंबित कर दिया था। इसके बाद उन्होंने स्वयं पार्टी छोड़ने की घोषणा कर दी थी। इसी पृष्ठभूमि में उनका यह उग्र वीडियो सामने आया है, जिससे विवाद और गहरा गया है।
बताया जा रहा है कि इस वीडियो में आरके सिंह खुद को अलग किस्म का आदमी बताते हुए कहते हैं कि वे किसी धमकी से घबराने वाले नहीं हैं। उनका कहना है कि वे शुरू से ही अपने फैसलों में स्वतंत्र रहे हैं और आज भी कोई उन्हें डरा नहीं सकता।
ऊर्जा मंत्री से लेकर लोकसभा हार तक की कहानी
आरके सिंह, जो मोदी सरकार में ऊर्जा मंत्री के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं, वर्ष 2014 से 2024 तक लगातार आरा का प्रतिनिधित्व करते रहे। हालांकि 2024 लोकसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, इस हार में भोजपुरी स्टार पवन सिंह के प्रभाव को एक बड़ी वजह माना गया।
चुनाव परिणाम के बाद भी आरके सिंह अपनी ही पार्टी और एनडीए के सहयोगी दलों पर भीतरघात के आरोप लगाते रहे हैं। उन्होंने कई नेताओं पर नाम लेकर तीखी टिप्पणियाँ की थीं, जिसके बाद से उनके खिलाफ संगठन में असंतोष बढ़ता गया।
पुराने दिनों की तरह फिर उभरी ‘सख्त अफसर’ वाली छवि
1975 बैच के बिहार कैडर के आईएएस अधिकारी रहे आरके सिंह उस दौर में भी अपनी तेजतर्रार कार्यशैली के लिए जाने जाते थे। एक समय ऐसा भी था जब बिहार में लालू प्रसाद यादव की सरकार के दौरान उन्होंने समस्तीपुर में लालकृष्ण आडवाणी की रथयात्रा को रोककर उन्हें हिरासत में ले लिया था। उनकी इसी निर्भीक छवि का जिक्र करते हुए कई लोग मानते हैं कि मौजूदा विवाद भी उसी तेवर का दोबारा उभरना है।
वीडियो के बाद मचा राजनीतिक कोलाहल
वायरल वीडियो ने राजनीतिक हलकों में बहस छेड़ दी है। विपक्ष इसे भाजपा के आंतरिक संकट का परिणाम बता रहा है, जबकि पार्टी के कई नेता इस मामले पर चुप्पी साधे हुए हैं। हालांकि, वीडियो के सार्वजनिक होते ही सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई है और लोग पूर्व मंत्री की भाषा पर सवाल उठा रहे हैं।
फिलहाल भाजपा या आरके सिंह की ओर से इस वीडियो को लेकर कोई औपचारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है, लेकिन यह स्पष्ट है कि निलंबन विवाद थमने से पहले ही नया बवाल शुरू हो गया है।











