झारखंड वार्ता संवाददाता
गढ़वा: गढ़वा अनुमंडल क्षेत्र में रविवार से ‘आइये खुशियां बांटें’ सहभागी सहायता अभियान की औपचारिक शुरुआत कर दी गई। यह अभियान 28 फरवरी तक लगातार प्रतिदिन संचालित होगा। इसका उद्देश्य सक्षम नागरिकों और प्रशासनिक सहयोग से जरूरतमंद परिवारों तक आवश्यक सामग्री पहुंचाना है।
इस अभियान की प्रेरणा पिछले सप्ताह आयोजित “कॉफी विद एसडीएम” कार्यक्रम से मिली, जहां सदर एसडीएम संजय कुमार ने स्थानीय वस्त्र व्यवसायियों एवं समाजसेवी नागरिकों से सहभागिता का आग्रह किया था। उनके आह्वान के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने इस मुहिम से जुड़कर इसे सामूहिक सामाजिक अभियान का स्वरूप दे दिया।
अभियान के पहले दिन टीम गेरुआसोती गांव पहुंची, जहां आदिम जनजाति के वे परिवार रहते हैं, जो कुछ माह पूर्व हाथियों के आतंक के कारण बहेरवा पहाड़ से विस्थापित हुए थे। प्लास्टिक और तिरपाल की अस्थाई झोपड़ियों में रह रहे इन परिवारों तक ऊनी वस्त्र पहुंचाए गए। करीब 80 लोगों (बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों) ने स्वेटर, जैकेट, मोजे, टोपी और कंबल जैसी गर्म सामग्री प्राप्त की। बच्चों को नए ऊनी कपड़े मिलते ही उनके चेहरे खिल उठे।
इस दौरान प्रशासनिक टीम ने पुनः परिवारों से सुरक्षित स्थान पर पुनर्वास के विकल्पों पर संवाद किया। बताया गया कि सहमति मिलने पर प्रशासन उन्हें बेहतर स्थान पर बसाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाएगा।
कार्यक्रम में समाज के सहयोगी सदस्य, स्थानीय मुखिया जगजीवन राम, सहायक शिक्षक तथा कई ग्रामीण उपस्थित रहे। आयोजक सदस्य कमलेश अग्रवाल और उत्तम कमलापुरी ने कहा कि जरूरतमंदों की सेवा का अवसर मिलना उनके लिए आनंद का विषय है। उन्होंने समाज के अन्य सक्षम नागरिकों से भी इस अभियान से जुड़ने की अपील की।
एसडीएम संजय कुमार ने कहा कि प्रशासन और समाज की साझा पहल से जरूरतमंद परिवारों तक लगातार सहायता पहुँचाने का प्रयास जारी रहेगा।
गढ़वा: ‘आइये खुशियां बांटें’ अभियान की शुरुआत, जरूरतमंदों को बांटे गए गर्म कपड़े













