रांची: प्रवर्तन निदेशालय (ED) की रांची इकाई ने 300 करोड़ रुपये के MAXIZONE पोंजी घोटाले की जांच को आगे बढ़ाते हुए शुक्रवार सुबह उत्तर प्रदेश के तीन शहरों गाजियाबाद, मेरठ और नोएडा में कुल 20 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई सुबह लगभग छह बजे शुरू हुई, जिसमें रांची के अलावा दिल्ली और अन्य राज्यों के ईडी अधिकारियों की टीमें शामिल थीं।
इससे पहले ईडी घोटाले से जुड़े झारखंड स्थित परिसरों में भी छापेमारी कर चुकी है। लेकिन जांच के दूसरे चरण में एजेंसी ने घोटाले के तार राज्य से बाहर जुड़े होने के संकेत मिलने पर यूपी और दिल्ली-एनसीआर के ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन चलाया।
जमशेदपुर में दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू हुई थी जांच
MAXIZONE चिटफंड कंपनी के खिलाफ जमशेदपुर थाना में दर्ज प्राथमिकी के बाद ईडी ने मामले की जांच शुरू की थी। दर्ज शिकायतों के अनुसार कंपनी के निदेशक चंद्रभूषण सिंह और उनकी पत्नी प्रियंका सिंह, निवेशकों से भारी धनराशि जुटाने के बाद गायब हो गए थे।
नाम बदलकर नोएडा में कर रहे थे रहन–सहन
एफआईआर के बाद दोनों पति-पत्नी फरार हो गए थे। जांच में सामने आया कि दोनों ने अपनी पहचान बदलकर नोएडा में रहने की व्यवस्था कर रखी थी। स्थानीय पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया है, जिसके बाद ईडी की पूछताछ तेजी से आगे बढ़ रही है।
ED की प्राथमिकता- काले धन के प्रवाह का पता लगाना
सूत्रों के अनुसार, ईडी की टीमों ने जिन ठिकानों पर छापेमारी की है, वे कथित तौर पर मनी लॉन्ड्रिंग और निवेशकों से जुटाए गए धन के उपयोग से जुड़े बताए जा रहे हैं। छापेमारी में कई दस्तावेज, डिजिटल डिवाइस और संदिग्ध लेनदेन से जुड़े साक्ष्य मिल सकते हैं।
ईडी अधिकारियों का कहना है कि जांच के दायरे में उन सभी लोगों को शामिल किया जा रहा है, जो कंपनी की फर्जी स्कीमों के संचालन या वित्तीय नेटवर्क से जुड़े रहे हैं।
झारखंड पोंजी घोटाला: ईडी ने गाजियाबाद, मेरठ और नोएडा में 20 ठिकानों पर मारे छापे












