नई दिल्ली: इंडिगो एयरलाइन की अचानक बड़ी संख्या में उड़ानें रद्द होने के बाद देशभर के एयरपोर्ट्स पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हजारों यात्री फंस गए और इसी बीच कई निजी एयरलाइन्स ने टिकटों के किराए में भारी बढ़ोतरी कर दी। सोशल मीडिया पर इस महंगे किराए को लेकर मीम्स जमकर वायरल होने लगे और यात्री परेशानी में इधर-उधर भटकते दिखाई दिए।
यात्रियों की इस मुश्किल स्थिति को देखते हुए नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MoCA) ने हस्तक्षेप करते हुए सभी एयरलाइनों को आधिकारिक निर्देश जारी किए, जिनमें किराया सीमा (Fare Cap) का सख्ती से पालन अनिवार्य किया गया है। मंत्रालय ने कहा कि जब तक स्थिति सामान्य नहीं हो जाती, तब तक यह सीमा प्रभावी रहेगी।
नई किराया सीमा (इकोनॉमी क्लास पर लागू)
दूरी (किलोमीटर)- अधिकतम हवाई किराया
500 किमी तक – ₹7,500
500–1000 किमी- ₹12,000
1000–1500 किमी- ₹15,000
1500 किमी से अधिक- ₹18,000
मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि यह सीमा केवल इकोनॉमी क्लास पर लागू होगी। बिज़नेस क्लास और UDAN उड़ानों के किराए में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
साथ ही ये किराया सीमा सभी प्रकार की बुकिंग पर लागू होगी चाहे टिकट एयरलाइन की वेबसाइट से खरीदा गया हो या ऑनलाइन ट्रैवल एजेंट (OTA) से। एयरलाइंस को सभी श्रेणियों के टिकट उपलब्ध रखने होंगे, और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त क्षमता भी बढ़ानी होगी ताकि यात्रियों को राहत मिल सके।
इंडिगो को सख्त निर्देश
इंडिगो की उड़ानों के बड़े पैमाने पर रद्द होने के बाद यात्रियों के बीच रिफंड को लेकर असमंजस पैदा हो गया था। इसे देखते हुए मंत्रालय ने इंडिगो एयरलाइन को निर्देश जारी किया है कि वह सभी पेंडिंग रिफंड रविवार रात 8 बजे तक प्रोसेस कर दे।
इसके अलावा प्रभावित यात्रियों से रीशेड्यूलिंग चार्ज नहीं लिया जाएगा। सभी रद्द और बाधित उड़ानों का रिफंड बिना देरी पूरा करना अनिवार्य है। निर्देशों का पालन न करने पर तत्काल नियामक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
मंत्रालय ने कहा कि इन उपायों का उद्देश्य संकट के समय एयरलाइन्स द्वारा मनमाने दाम वसूलने की प्रवृत्ति पर रोक लगाना है। वरिष्ठ नागरिकों, छात्रों, मरीजों और उन लोगों को राहत देना भी लक्ष्य है जिन्हें इस समय तत्काल यात्रा करनी पड़ रही है। सरकार ने दोहराया कि यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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