रांची : – ओबीसी के लिए नॉन क्रीमी लेयर सर्टिफिकेट बनाने का अवधि 1 साल नहीं। कम से कम 3 साल हो, ऐसा कई राज्यों में है। एक साल में नॉन क्रीमी लेयर सर्टिफिकेट का प्रावधान होने से ओबीसी छात्रों को भारी परेशानियों का और कई अभ्यार्थियों के सरकारी सेवा में नियुक्ति, उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश में बाधा उत्पन्न होती है। उक्त बातें राष्ट्रीय ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार गुप्ता ने नामकुम स्थित हंगरी बर्ड होटल में आयोजित एक बैठक में भारत रत्न बाबा साहब डॉ भीमराव अंबेडकर के परिनिर्वाण दिवस पर उनके तस्वीर पर माल्यार्पण करने के पश्चात कही। ज्ञात हो कि आगामी 21 दिसंबर को नामकुम के डिप्लोमा अभियंता भवन में आयोजित सामाजिक न्याय और ओबीसी अधिकार सम्मेलन होगी। उन्होंने कहा इस कार्यक्रम में राज्य के मंत्री और कई अन्य विधायक और राज्य पिछड़ा वर्ग के अध्यक्ष सहित कई बड़े नामचिन शख्सियत शामिल होंगे। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय ओबीसी अधिकारी कर्मचारी मोर्चा के तत्वाधान में होगी।

श्री गुप्ता ने कहा कि इस सम्मेलन में ओबीसी समुदाय के हितों की हो रही अनदेखी सहित ओबीसी समुदाय के विकास के लिए पूरे राज्य में रोड मैप तैयार की जाएगी। सम्मेलन को सफल करने के लिए नामकुम में एक स्थानीय संयोजक मंडली बनाई गई है। जिसमें बिनोद सिंह, रामाधार सिंह, अखिलेश यादव, जयराम ठाकुर, सुनील साहू, गोपाल प्रसाद साहू, कुंदन सोनी, दसरथ यादव, देवानंद गोप, गोपाल प्रजापति, नीरज यादव शामिल है। कार्यक्रम में राष्ट्रीय ओबीसी अधिकारी कर्मचारी मोर्चा के प्रदेश सचिव विवेक कुमार रांची जिला प्रभारी आनंद किशोर साहू, संतोष कुमार,मनोज कुमार, श्याम विश्वकर्मा, साधु यादव, रवि, गोपाल प्रसाद, प्रभु नाथ, सुरेंद्र एवं कृष्णा सहित दर्जनों लोग उपस्थित थे।









