जकार्ता: इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में मंगलवार को हुई एक दर्दनाक घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। सेंट्रल जकार्ता स्थित एक 7-मंज़िला ऑफिस बिल्डिंग में लगी भीषण आग में अब तक कम से कम 22 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। मृतकों में 15 महिलाएं शामिल हैं, जबकि एक गर्भवती महिला की भी जीवनरक्षक प्रयासों के बावजूद मौत हो गई।
कैसे लगी आग?
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आग की शुरुआत पहली मंज़िल से हुई, जहां एक बैटरी में आग लगने के बाद चिंगारियां फैलीं और देखते ही देखते पूरा फ्लोर लपटों में घिर गया। यह फ्लोर एक वेयरहाउस का हिस्सा था, इसलिए आग तेजी से फैलती चली गई।
सेंट्रल जकार्ता पुलिस चीफ सुसात्यो पुर्नोमो कोंद्रो के मुताबिक, शुरुआत में कर्मचारियों ने आग पर काबू पाने की कोशिश की और कुछ देर के लिए आग बुझ भी गई थी, लेकिन बैटरी में दोबारा विस्फोट जैसी स्थिति बन गई, जिससे आग और तेजी से फैल गई। घने धुएं ने महज कुछ ही मिनटों में छठी मंज़िल तक पूरी बिल्डिंग को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे कई लोग बाहर निकल ही नहीं पाए।
रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
जैसे ही आग लगने की खबर मिली, फायर ब्रिगेड, सुरक्षा बल और मेडिकल टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। आग पर अब काबू पा लिया गया है। लेकिन रेस्क्यू टीमें अब भी इमारत के अंदर फंसे लोगों की तलाश कर रही हैं। मृतकों के शवों को पहचान के लिए क्रमात जाति पुलिस अस्पताल भेजा गया है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बचाव टीमें इमारत के हर फ्लोर को सर्च कर रही हैं, क्योंकि आशंका है कि कुछ लोग अब भी अंदर फंसे हो सकते हैं।
किस कंपनी का ऑफिस था यह?
जिस बिल्डिंग में आग लगी, वह टेरा ड्रोन इंडोनेशिया (Terra Drone Indonesia) का दफ्तर है। कंपनी इंडस्ट्रियल सेक्टर्स, माइनिंग, एग्रीकल्चर और कंस्ट्रक्शन के लिए हाई-टेक ड्रोन सर्वे सर्विसेस प्रदान करती है। यह इंडोनेशिया की प्रमुख टेक कंपनियों में से एक मानी जाती है।
धुआं बना मौत का कारण
अधिकारी बताते हैं कि आग से ज्यादा धुआं घातक रहा। कई लोग समय पर सीढ़ियों तक भी नहीं पहुंच सके, क्योंकि घने काले धुएं ने कुछ ही मिनटों में पूरे कॉरिडोर और फ्लोर को भर दिया था।
फिलहाल बिल्डिंग को पूरी तरह खाली करा दिया गया है और आसपास का इलाका खतरे वाले क्षेत्र घोषित कर दिया गया है।
बैटरी से निकली चिंगारी से इमारत में लगी भीषण आग, प्रेगनेंट महिला समेत 22 की मौत













