रांची: झारखंड प्रदेश कांग्रेस में विधायक दल के नेता और मंत्रियों के बीच गहराता आपसी विवाद अब पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व तक पहुंच गया है। हालात को संभालने और संगठन में बढ़ती खींचतान को खत्म करने के उद्देश्य से कांग्रेस के केंद्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल सोमवार को सभी वरिष्ठ नेताओं के साथ अहम बैठक करने जा रहे हैं।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, यह बैठक सोमवार दोपहर करीब दो बजे आयोजित होगी, जिसमें प्रदेश के तमाम सीनियर नेता शामिल होंगे। बैठक का मुख्य एजेंडा पार्टी के भीतर चल रहे विवाद को समाप्त करना और संगठनात्मक एकजुटता बनाए रखना है।
इससे पहले रविवार को झारखंड प्रदेश कांग्रेस प्रभारी के. राजू से कई नेताओं ने अलग-अलग मुलाकात कर अपने-अपने पक्ष रखे। नई दिल्ली में आयोजित कांग्रेस की ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ रैली के बाद प्रदेश के वरिष्ठ नेता राजू से मिले और मौजूदा हालात पर विस्तार से चर्चा की।
सूत्रों के अनुसार, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने प्रदेश प्रभारी से मुलाकात के दौरान गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कुछ कांग्रेस नेता लगातार उनके और उनके परिवार के खिलाफ बयानबाजी कर रहे हैं और उन्हें बदनाम करने की साजिश रची जा रही है। डॉ. अंसारी ने यह भी आरोप लगाया कि इस तरह की गतिविधियों से न केवल उन्हें हतोत्साहित करने की कोशिश हो रही है, बल्कि इससे कांग्रेस की छवि को भी नुकसान पहुंच रहा है।
वहीं, कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने भी अपनी शिकायतें सामने रखीं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में शामिल होने के बाद से ही कुछ नेता उनके लिए लगातार अड़चनें पैदा कर रहे हैं और उनके कामकाज में बाधा डालने की कोशिश की जा रही है।
बताया जा रहा है कि कई वरिष्ठ नेताओं ने प्रदेश प्रभारी के. राजू से इस विवाद को जल्द समाप्त कराने का आग्रह किया है, ताकि पार्टी संगठन और सरकार दोनों पर इसका नकारात्मक असर न पड़े। अब सभी की निगाहें सोमवार को होने वाली केसी वेणुगोपाल की बैठक पर टिकी हैं, जहां इस अंदरूनी कलह को सुलझाने की दिशा में कोई ठोस समाधान निकलने की उम्मीद की जा रही है।
कांग्रेस में अंदरूनी कलह पर मंथन, केसी वेणुगोपाल की अगुवाई में होगी अहम बैठक









