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झारखंड में कड़ाके की ठंड का कहर, पारा लुढ़का; रांची समेत 9 जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे

On: December 17, 2025 12:57 PM
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रांची: झारखंड में इन दिनों कड़ाके की ठंड ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। उत्तर-पश्चिम दिशा से चल रही ठंडी उत्तरी हवाओं के असर से राज्य के न्यूनतम तापमान में 2 डिग्री सेल्सियस से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है। राजधानी रांची में कड़ाके की ठंड का सीधा असर जनजीवन पर दिख रहा है, जहां न्यूनतम तापमान गिरकर 5.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। रांची में कड़ाके की ठंड ने लोगों को घरों में दुबकने पर मजबूर कर दिया है।

मौसम केंद्र, रांची की ओर से 17 दिसंबर की सुबह जारी रिपोर्ट के अनुसार रांची के बाद गुमला राज्य का दूसरा सबसे ठंडा जिला रहा, जहां न्यूनतम तापमान 5.7 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा खूंटी में 6.8 डिग्री, डाल्टनगंज में 7.9 डिग्री, सिमडेगा में 8.1 डिग्री, हजारीबाग में 9.1 डिग्री, लोहरदगा में 9.3 डिग्री, बोकारो में 9.5 डिग्री और लातेहार में 9.7 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ। इस तरह राज्य के कुल नौ जिलों में न्यूनतम पारा 10 डिग्री से नीचे चला गया है।

हालांकि राहत की बात यह है कि दिन के वक्त खिली धूप के कारण अधिकतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। राज्य में सबसे अधिक अधिकतम तापमान चाईबासा में 28.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं सरायकेला में 27.3 डिग्री और पूर्वी सिंहभूम में 27.2 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान रहा। गुमला, कोडरमा, हजारीबाग और लातेहार ऐसे जिले रहे, जहां दिन का अधिकतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा, जिससे दिन में भी ठंड का अहसास बना रहा।

मौसम केंद्र ने अपने पूर्वानुमान में बताया है कि 22 दिसंबर तक राज्य के कई हिस्सों में सुबह के समय मध्यम दर्जे का कोहरा छाया रह सकता है, जबकि दिन में आसमान साफ रहेगा। बीते 24 घंटों में कई जिलों में अधिकतम तापमान सामान्य से 1 से 3 डिग्री सेल्सियस तक कम दर्ज किया गया है।

कड़ाके की ठंड को देखते हुए मौसम विभाग ने किसानों के लिए भी जरूरी सुझाव जारी किए हैं। किसानों को सलाह दी गई है कि वे सुबह के समय खड़ी सब्जियों और फसलों में हल्की सिंचाई करें, ताकि ठंड के असर से फसल को बचाया जा सके। कम तापमान के कारण खराब अंकुरण से बचने के लिए सब्जियों की नर्सरी को कम लागत वाले पॉलिथीन कवर से ढकना फायदेमंद रहेगा। साथ ही हाल में बोई गई रबी की फसलों और नए पौधों को नमी के तनाव से बचाने के लिए पर्याप्त सिंचाई करने की भी सलाह दी गई है।

कुल मिलाकर झारखंड में ठंड का असर फिलहाल जारी रहने के आसार हैं और लोगों को खासकर सुबह-शाम अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है।

Vishwajeet

मेरा नाम विश्वजीत कुमार है। मैं वर्तमान में झारखंड वार्ता (समाचार संस्था) में कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हूं। समाचार लेखन, फीचर स्टोरी और डिजिटल कंटेंट तैयार करने में मेरी विशेष रुचि है। सटीक, सरल और प्रभावी भाषा में जानकारी प्रस्तुत करना मेरी ताकत है। समाज, राजनीति, खेल और समसामयिक मुद्दों पर लेखन मेरा पसंदीदा क्षेत्र है। मैं हमेशा तथ्यों पर आधारित और पाठकों के लिए उपयोगी सामग्री प्रस्तुत करने का प्रयास करता हूं। नए विषयों को सीखना और उन्हें रचनात्मक अंदाज में पेश करना मेरी कार्यशैली है। पत्रकारिता के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की कोशिश करता हूं।

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