रांची: आमजन से सीधे जुड़े राजस्व एवं भूमि सुधार संबंधी कार्यों को अधिक पारदर्शी, कुशल और समयबद्ध बनाने के उद्देश्य से रांची जिला प्रशासन द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में आज समाहरणालय के ब्लॉक–बी स्थित कक्ष संख्या 505 में उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री की अध्यक्षता में राजस्व कार्यों की एक विस्तृत समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई।
उपायुक्त ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनता की समस्याओं का त्वरित और न्यायोचित निराकरण जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। कार्यशैली में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और शिकायत मिलने पर संबंधित कर्मियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
जनता को अनावश्यक परेशानी से राहत पर जोर
बैठक में उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आम नागरिकों को बेवजह कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, यह सुनिश्चित किया जाए। प्रत्येक आवेदन का समयबद्ध निष्पादन हो तथा पारदर्शिता के साथ कार्य किया जाए।
लंबित मामलों की बिंदुवार समीक्षा
बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले में लंबित राजस्व वादों की प्रगति की गहन समीक्षा कर उनके शीघ्र निष्पादन हेतु ठोस कार्रवाई सुनिश्चित करना था। इस दौरान निम्न प्रमुख बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई:
1. 90 दिनों से अधिक लंबित दाखिल-खारिज वाद- आपत्ति रहित एवं आपत्ति सहित सभी मामलों की हल्कावार समीक्षा की गई और इन्हें प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के निर्देश दिए गए।
2. 30 दिनों से अधिक लंबित आपत्ति रहित दाखिल-खारिज वाद
ऐसे मामलों की त्वरित सुनवाई और निष्पादन पर विशेष बल दिया गया।
3. सीमांकन से जुड़े मामले- लंबित सीमांकन आवेदनों की प्रगति, आ रही बाधाओं और उनके समाधान पर चर्चा हुई।
4. परिशोधन कार्य- रिकॉर्ड सुधार एवं परिशोधन से संबंधित मामलों की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की गई।
5. विभिन्न विभागों द्वारा मांगे गए भूमि संबंधी प्रतिवेदन- संबंधित विभागों के लिए आवश्यक प्रतिवेदनों की तैयारी और समय पर प्रेषण में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
6. जन शिकायत एवं लोक शिकायत निवारण प्रणाली- जन सुनवाई के माध्यम से प्राप्त शिकायतों के निष्पादन की स्थिति पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ।
7. दोहरी जमा बंदी के मामले- ऐसे मामलों का विशेष अवलोकन करते हुए त्वरित समाधान के निर्देश दिए गए।
लापरवाही पर सख्त रुख
बैठक में सभी अंचलों से प्राप्त हल्कावार अद्यतन प्रतिवेदनों पर गहन चर्चा की गई। अधिकारियों को दो टूक शब्दों में कहा गया कि राजस्व कार्य जनसेवा का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और इनमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निर्धारित समय-सीमा के भीतर लंबित मामलों का निष्पादन अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए।
प्रशासन का स्पष्ट संदेश
उपायुक्त ने कहा कि, राजस्व कार्यों का समयबद्ध निष्पादन जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। हमारा लक्ष्य है कि कोई भी आवेदन अनावश्यक रूप से लंबित न रहे और नागरिकों को त्वरित एवं न्यायोचित राहत मिले। सभी पदाधिकारी और कर्मचारी पूर्ण समर्पण भाव से कार्य करें।
डिजिटल और पारदर्शी व्यवस्था की ओर कदम
यह समीक्षात्मक बैठक रांची जिला प्रशासन की उस सतत प्रतिबद्धता का प्रमाण है, जिसके तहत भूमि एवं राजस्व संबंधी कार्यों को डिजिटल, पारदर्शी और जन-सुलभ बनाया जा रहा है। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि आगामी दिनों में इस तरह की समीक्षात्मक बैठकों का आयोजन नियमित रूप से जारी रहेगा, ताकि आम जनता को समय पर न्याय और सुविधा मिल सके।
बैठक में जिला प्रशासन के वरीय अधिकारी, अंचलाधिकारी, राजस्व कर्मचारी और अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।
रांची: राजस्व कार्यों में तेजी लाने के निर्देश, लापरवाही पर होगी कड़ी कार्रवाई














