EPF Withdrawal: देशभर के करोड़ों कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) खाताधारकों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। जल्द ही EPF सब्सक्राइबर अपने खाते में जमा पैसा सीधे बैंक ATM या UPI के माध्यम से निकाल सकेंगे। केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मंडाविया ने एक मीडिया संस्थान को दिए एक इंटरव्यू में इस अहम योजना की जानकारी दी है।
मंत्री मंडाविया के अनुसार, श्रम मंत्रालय EPF निकासी प्रक्रिया को पूरी तरह से आसान और आधुनिक बनाने की दिशा में काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि मंत्रालय ऐसा फीचर विकसित कर रहा है, जिससे EPF सब्सक्राइबर ATM के जरिए अपने प्रोविडेंट फंड की राशि निकाल सकेंगे। इसके साथ ही EPF विड्रॉल को UPI से भी जोड़ा जाएगा। उम्मीद है कि यह सुविधा मार्च 2026 से पहले, संभवतः नए साल में ही शुरू हो सकती है।
EPF निकासी प्रक्रिया होगी और आसान
केंद्रीय मंत्री ने मौजूदा EPF निकासी प्रक्रिया पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि फिलहाल EPF से पैसा निकालने के लिए सब्सक्राइबर को अलग-अलग कारणों के लिए कई तरह के फॉर्म भरने पड़ते हैं, जिससे प्रक्रिया जटिल और समय लेने वाली हो जाती है। मंत्री ने कहा कि EPF में जमा पैसा पूरी तरह से कर्मचारी का होता है, लेकिन नियमों की जटिलता के कारण कई बार लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसी को ध्यान में रखते हुए मंत्रालय EPF विड्रॉल सिस्टम को सरल और यूजर-फ्रेंडली बना रहा है।
अक्टूबर 2025 में बड़े सुधारों को मिली मंजूरी
गौरतलब है कि अक्टूबर 2025 में EPFO ने प्रोविडेंट फंड से जुड़े ऑपरेशन्स को आसान, तेज और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए कई बड़े सुधारों को मंजूरी दी थी। श्रम मंत्रालय के मुताबिक, पहले EPF निकालने के नियम अलग-अलग एलिजिबिलिटी शर्तों और न्यूनतम सेवा अवधि की वजह से काफी उलझे हुए थे। इससे कन्फ्यूजन, देरी और कई मामलों में क्लेम रिजेक्ट होने की समस्या सामने आती थी।
13 कैटेगरी को मिलाकर बनाया गया नया फ्रेमवर्क
इन समस्याओं को दूर करने के लिए EPF विड्रॉल फ्रेमवर्क में बड़ा बदलाव किया गया है। मंत्रालय ने 13 अलग-अलग कैटेगरी को मिलाकर एक सरल ढांचा तैयार किया है। पहले EPF सदस्य केवल अपने योगदान और उस पर मिलने वाले ब्याज को ही निकाल सकते थे और वह भी 50% से 100% तक सीमित होता था, वो भी खास कारणों के आधार पर।
नए नियमों के तहत अब निकाली जाने वाली रकम में कर्मचारी के योगदान और ब्याज के साथ-साथ नियोक्ता (एम्प्लॉयर) का योगदान भी शामिल होगा। इसके परिणामस्वरूप अब EPF सदस्य अपने कुल EPF कॉर्पस का 75% तक निकाल सकेंगे।
सर्विस अवधि की शर्तों में भी राहत
पहले EPF निकालने के लिए एलिजिबिलिटी पीरियड उद्देश्य के अनुसार अलग-अलग होता था, जो कुछ मामलों में 7 साल तक का भी हो सकता था। इससे कर्मचारियों के लिए नियम समझना मुश्किल हो जाता था। नए फ्रेमवर्क के तहत अब सभी तरह के EPF विड्रॉल के लिए न्यूनतम सेवा अवधि को एक समान कर 12 महीने कर दिया गया है। यानी EPF सदस्य अब सिर्फ एक साल की सर्विस पूरी करने के बाद अधिक रकम निकाल सकेंगे।
बेरोजगारी की स्थिति में क्या होंगे नियम
बेरोजगारी की स्थिति में EPF सदस्यों को और राहत दी गई है। ऐसे में कोई भी सदस्य अपने PF बैलेंस का 75% तुरंत निकाल सकता है। इस राशि में कर्मचारी का योगदान, नियोक्ता का योगदान और उस पर मिला ब्याज शामिल होगा। शेष 25% राशि एक साल बाद निकाली जा सकेगी।
इसके अलावा कुछ विशेष परिस्थितियों में पूरा PF बैलेंस निकालने की भी अनुमति दी गई है। इनमें 55 साल की उम्र के बाद रिटायरमेंट, स्थायी विकलांगता, काम करने में असमर्थता, छंटनी, स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) या भारत के बाहर स्थायी रूप से बसने जैसी स्थितियां शामिल हैं।
कुल मिलाकर बड़ी सुविधा की ओर कदम
ATM और UPI के जरिए EPF निकासी की प्रस्तावित सुविधा लागू होने के बाद PF से जुड़ी प्रक्रिया न सिर्फ तेज होगी, बल्कि कर्मचारियों के लिए कहीं ज्यादा आसान और पारदर्शी भी बन जाएगी। यह बदलाव डिजिटल इंडिया की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है, जिससे करोड़ों कर्मचारियों को सीधे तौर पर लाभ मिलेगा।
करोड़ों कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, PF खाते से कभी भी निकाल सकते हैं 75% पैसा; जानें कब से शुरू होगी सुविधा











