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नक्सलवाद को फिर लगा तगड़ा झटका: नारायणपुर में 11 नक्सलियों ने किया सरेंडर, 37 लाख के थे इनामी

On: December 18, 2025 6:35 PM
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नारायणपुर: छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित नारायणपुर जिले में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। जिले में सक्रिय रहे 11 नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़ते हुए सरकार के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया है। आत्मसमर्पण करने वालों में 5 महिला नक्सली भी शामिल हैं। इन सभी पर कुल 37 लाख रुपए का इनाम घोषित था।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों पर 1 लाख रुपए से लेकर 8 लाख रुपए तक का इनाम अलग-अलग स्तर पर घोषित था। ये सभी नक्सली बीते कई वर्षों से प्रतिबंधित नक्सली संगठन से जुड़े हुए थे और क्षेत्र में विभिन्न नक्सली गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभा चुके थे।

उत्तर बस्तर डिवीजन की मिलिट्री कंपनी में थे सक्रिय

जानकारी के अनुसार, आत्मसमर्पण करने वाले अधिकांश नक्सली उत्तर बस्तर डिवीजन की मिलिट्री कंपनी से जुड़े रहे हैं। ये नक्सली संगठन के लिए सुरक्षा, गश्त और अन्य हिंसक गतिविधियों में शामिल रहे थे। लगातार चल रही पुलिस कार्रवाई और विकास कार्यों से प्रभावित होकर इन नक्सलियों ने मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया।

‘पूना मार्गेम’ अभियान का दिखा असर

इस मौके पर नारायणपुर पुलिस अधीक्षक रॉबिनसन गुड़िया ने कहा कि इन नक्सलियों के आत्मसमर्पण से जिले में शांति, सुरक्षा और सौहार्द का माहौल मजबूत होगा। उन्होंने बताया कि जिले में चलाया जा रहा “पूना मार्गेम – आत्मसमर्पण से पुनर्वास तक” अभियान अब सकारात्मक परिणाम देने लगा है।

एसपी गुड़िया ने कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य भटके हुए युवाओं को हिंसा छोड़कर समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को किसी भी तरह का भेदभाव नहीं झेलना पड़ेगा।

पुनर्वास नीति के तहत मिलेगा पूरा लाभ

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आत्मसमर्पित नक्सलियों को राज्य शासन की पुनर्वास नीति के अंतर्गत सभी पात्र सरकारी योजनाओं का लाभ दिया जाएगा। इसके तहत उन्हें आर्थिक सहायता, आवास, शिक्षा, रोजगार और स्वरोजगार से जुड़ी सुविधाएं प्रदान की जाएंगी, ताकि वे सम्मानजनक और सुरक्षित जीवन की नई शुरुआत कर सकें।

50-50 हजार की प्रोत्साहन राशि दी गई

आत्मसमर्पण के दौरान प्रत्येक नक्सली को 50-50 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि का चेक भी सौंपा गया। पुलिस प्रशासन का मानना है कि इस तरह की पहल से अन्य भटके हुए नक्सलियों को भी हिंसा छोड़कर आत्मसमर्पण के लिए प्रेरणा मिलेगी।

क्षेत्र में शांति की ओर एक और कदम

नारायणपुर जिले में लगातार हो रहे नक्सली आत्मसमर्पण को प्रशासन नक्सलवाद के खिलाफ बड़ी कामयाबी मान रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आने वाले समय में ऐसे प्रयासों से जिले में स्थायी शांति और विकास की राह और मजबूत होगी।

Vishwajeet

मेरा नाम विश्वजीत कुमार है। मैं वर्तमान में झारखंड वार्ता (समाचार संस्था) में कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हूं। समाचार लेखन, फीचर स्टोरी और डिजिटल कंटेंट तैयार करने में मेरी विशेष रुचि है। सटीक, सरल और प्रभावी भाषा में जानकारी प्रस्तुत करना मेरी ताकत है। समाज, राजनीति, खेल और समसामयिक मुद्दों पर लेखन मेरा पसंदीदा क्षेत्र है। मैं हमेशा तथ्यों पर आधारित और पाठकों के लिए उपयोगी सामग्री प्रस्तुत करने का प्रयास करता हूं। नए विषयों को सीखना और उन्हें रचनात्मक अंदाज में पेश करना मेरी कार्यशैली है। पत्रकारिता के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की कोशिश करता हूं।

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