राउरकेला: नक्सली संगठन से जुड़े एक नाबालिग नक्सली ने गुरुवार को राउरकेला पुलिस के समक्ष हथियार के साथ आत्मसमर्पण कर दिया। इस नाबालिग पर ओडिशा सरकार की ओर से 1.65 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
राउरकेला के एसपी वाधवानी ने बताया कि सरेंडर करने वाला नाबालिग, सारंडा वन क्षेत्र में सक्रिय माओवादी संगठन के दक्षिण छोटानागरा डिवीजन का सदस्य था। वह लंबे समय से कोल्हान और सारंडा इलाके में माओवादी गतिविधियों में शामिल था। पुलिस ने उसके पास से एक 9 एमएम कार्बाइन बरामद की है।
12 साल की उम्र में हुआ था संगठन में शामिल
पुलिस के अनुसार, वर्ष 2022 में जब नक्सली की उम्र मात्र 12 वर्ष थी, तब वह नक्सली रप्पा और गुंगा के बहकावे में आकर माओवादी संगठन से जुड़ गया था। संगठन में शामिल होने के बाद वह मच्छू के नेतृत्व में अलग-अलग इलाकों में सक्रिय रहा और नक्सलियों के लिए सूचना तंत्र का काम करने लगा।
विस्फोटक लूट की साजिश में भी रहा शामिल
पुलिस ने बताया कि करीब 70 से 80 नक्सलियों ने बांको स्टोन क्वारी से विस्फोटक लूटने की योजना बनाई थी, जिसके लिए वहां कैंप लगाया गया था। इस कैंप में सरेंडर करने वाला नाबालिग भी शामिल था। लूट के बाद संगठन के निर्देश पर झारखंड सीमा से सटे जंगलों में भारी मात्रा में विस्फोटक छिपाने में भी उसकी भूमिका रही। इसके अन्य कई नक्सली गतिविधियों में उसकी संलिप्तता सामने आई है।
लगातार खतरे और विचारधारा से मोहभंग
पुलिस के मुताबिक, नक्सली संगठन में रहते हुए उसे लगातार जान का खतरा महसूस हो रहा था। साथ ही, माओवादी विचारधारा से निराश होकर उसने संगठन छोड़ने का फैसला किया। सरकार की सरेंडर नीति की जानकारी मिलने के बाद उसने मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया और गुरुवार को पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया।
‘बी’ श्रेणी में रखा गया नाबालिग
सरेंडर के बाद पुलिस ने इस नाबालिग नक्सली को ‘बी’ श्रेणी में रखा है। सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के तहत अब उसे समाज की मुख्यधारा में जोड़ने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसमें शिक्षा, पुनर्वास और भविष्य के लिए आवश्यक सहायता शामिल होगी।
बहन भी नक्सली संगठन से जुड़ी
पुलिस ने यह भी बताया कि सरेंडर करने वाले नाबालिग की बहन भी नक्सली संगठन से जुड़ी हुई है, हालांकि वर्तमान में उसका ठिकाना ज्ञात नहीं हो सका है। उसकी तलाश जारी है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह सरेंडर नक्सल प्रभावित इलाकों में चल रहे अभियान और सरकार की पुनर्वास नीति की सफलता को दर्शाता है। इससे अन्य भटके युवाओं को भी मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरणा मिलेगी।
सारंडा में सक्रिय नाबालिग नक्सली ने किया सरेंडर, 1.65 लाख का था इनामी













