साहिबगंज: झारखंड के साहिबगंज–पाकुड़ रेलखंड के बरहड़वा रेलवे स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने वन्यजीव तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की है। शुक्रवार को न्यू दिल्ली–फरक्का एक्सप्रेस की जांच के दौरान RPF ने 1000 से अधिक जीवित कछुओं को बरामद किया। इस मामले में तीन तस्करों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें दो महिलाएं और एक पुरुष शामिल हैं।
गुप्त सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई
RPF को पहले से ही सूचना मिली थी कि फरक्का एक्सप्रेस के जरिए कछुओं की अवैध तस्करी की जा रही है। सूचना की पुष्टि के बाद जैसे ही ट्रेन बरहड़वा स्टेशन पहुंची, RPF की टीम ने सघन तलाशी अभियान चलाया। तलाशी के दौरान संदिग्ध बैगों की जांच की गई, जिनमें बड़ी संख्या में जीवित कछुए ठूंस-ठूंस कर भरे हुए पाए गए।
वाराणसी से बंगाल ले जाए जा रहे थे कछुए
पूछताछ में गिरफ्तार तस्करों ने खुलासा किया कि ये कछुए उत्तर प्रदेश के वाराणसी (बनारस) से लाए जा रहे थे और इन्हें पश्चिम बंगाल में खपाने की योजना थी। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि यह एक संगठित अंतरराज्यीय वन्यजीव तस्करी गिरोह का हिस्सा हो सकता है।
वन विभाग को सौंपे गए कछुए
RPF ने बरामद सभी कछुओं को सुरक्षित रूप से वन विभाग को सौंप दिया है। वन विभाग की टीम कछुओं की प्रजाति की पहचान और उनके संरक्षण की प्रक्रिया में जुट गई है। बताया जा रहा है कि इनमें से कई कछुए संरक्षित श्रेणी के हो सकते हैं।
तस्करों से गहन पूछताछ जारी
गिरफ्तार तीनों आरोपियों से RPF और वन विभाग की संयुक्त टीम पूछताछ कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के आधार पर तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
RPF ने स्पष्ट किया है कि रेलवे के माध्यम से होने वाली किसी भी प्रकार की तस्करी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आगे भी इस तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।









