ढाका/खुलना: बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय पर हमलों को लेकर चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। कथित ईशनिंदा के आरोप में मैमनसिंह में हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या के कुछ ही दिनों बाद अब एक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है। इस बार खुलना डिवीजन के झेनैदाह जिले में एक हिंदू रिक्शा चालक को कट्टरपंथी भीड़ ने निशाना बनाया।
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को झेनैदाह जिले में गोविंद दास नामक रिक्शा चालक पर उस समय हमला कर दिया गया, जब कुछ लोगों ने उसकी कलाई पर बंधा लाल धागा (कलावा) देख लिया। यह धागा आमतौर पर हिंदू धर्म से जुड़ा माना जाता है। इसी आधार पर अफवाह फैल गई कि वह व्यक्ति भारत की खुफिया एजेंसी रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (RAW) का एजेंट है।
अफवाह के बाद जमा हुई भीड़, नगर पालिका गेट के पास पिटाई
बताया जा रहा है कि अफवाह फैलते ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर इकट्ठा हो गए और गोविंद दास को झेनैदाह जिला नगर पालिका के गेट के पास बेरहमी से पीटने लगे। हमले में उसे गले और सीने में गंभीर चोटें आईं। बाद में भीड़ ने उसे पुलिस के हवाले कर दिया।
पुलिस हिरासत में भी गिड़गिड़ाता दिखा पीड़ित
सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में गोविंद दास को पुलिस हिरासत में रोते-गिड़गिड़ाते हुए देखा जा सकता है। वह खुद को एक साधारण रिक्शा चालक बताते हुए पुलिस से रिहा करने की गुहार लगाता नजर आ रहा है। इसके बावजूद उसे झेनैदाह सदर पुलिस स्टेशन में हिरासत में रखा गया।
मोबाइल जांच को लेकर नए आरोप
एक अन्य वीडियो, जो कथित तौर पर पुलिस स्टेशन के अंदर रिकॉर्ड किया गया है, उसमें एक अनजान आवाज यह दावा करती सुनाई देती है कि गोविंद दास के मोबाइल फोन में भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) से जुड़े कई व्हाट्सऐप ट्रांजैक्शन दिखाई दिए हैं। इसके अलावा यह भी कहा गया कि उसके फोन पर भारत से एक कॉल आई थी।
पुलिस पूछताछ में गोविंद दास ने कथित तौर पर बताया कि कॉल करने वाला व्यक्ति आकाश नाम का है, जिसे वह व्यक्तिगत रूप से जानता है।
पुलिस का बयान: भारत में रह चुका है पीड़ित
गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए झेनैदाह सदर थाना प्रभारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गोविंद दास कई वर्षों तक भारत में रह चुका है। फिलहाल पुलिस उसके भारतीय एजेंसियों से किसी भी संभावित संबंध की जांच कर रही है। हालांकि अभी तक कोई ठोस सबूत सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।
दीपू चंद्र दास की हत्या के बाद बढ़ी अंतरराष्ट्रीय चिंता
यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब मैमनसिंह में हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की हत्या के बाद बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सवाल उठ रहे हैं। इससे पहले भारत सरकार ने इस मामले पर ढाका के सामने गहरी चिंता जाहिर की थी।














