चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले में जंगली हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। रविवार तड़के गोइलकेरा थाना क्षेत्र में एक दंतैल जंगली हाथी ने घर में घुसकर एक महिला को बेरहमी से पटक-पटक कर मार डाला। महिला को बचाने की कोशिश में उसका पति और 10 वर्षीय बेटा भी हाथी के हमले में गंभीर रूप से घायल हो गए। इस दर्दनाक घटना के बाद इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल है।
यह घटना कुईडा पंचायत के संतरा वन क्षेत्र अंतर्गत अमराई कितापी गांव के तोपनोसाई टोले की है। मृत महिला की उम्र लगभग 47 वर्ष बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार महिला अपने पति रंजन टोपनो और बच्चों के साथ घर में सो रही थी। इसी दौरान अहले सुबह अचानक एक दंतैल जंगली हाथी गांव में आ पहुंचा और घर की दीवार तोड़कर भीतर घुस गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हाथी ने महिला को सूंड से पकड़कर कई बार जमीन पर पटक दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। महिला को बचाने दौड़े पति रंजन टोपनो और बेटा काहिरा टोपनो (10 वर्ष) भी हाथी के हमले की चपेट में आ गए और गंभीर रूप से घायल हो गए। परिवार के अन्य सदस्य किसी तरह भागकर अपनी जान बचाने में सफल रहे। घटना के बाद पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई।
घायल पिता-पुत्र को तत्काल चक्रधरपुर अनुमंडल अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए चाईबासा सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। हाथी के हमले से घर के आसपास की फसल को भी भारी नुकसान पहुंचा है।
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। वन क्षेत्र पदाधिकारी ने बताया कि पीड़ित परिवार को तत्काल 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी गई है। ग्रामीणों को सतर्क रहने, रात में जंगल या खुले इलाकों में न जाने और हाथी दिखने पर तुरंत वन विभाग को सूचना देने की सलाह दी गई है। वनकर्मी झुंड से बिछड़े इस हाथी को गांव से दूर जंगल की ओर खदेड़ने का प्रयास कर रहे हैं।
गौरतलब है कि पश्चिमी सिंहभूम जिले में बीते चार दिनों के भीतर जंगली हाथियों के हमलों में अब तक पांच लोगों की जान जा चुकी है, जबकि चार लोग गंभीर रूप से घायल हैं।













