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चाईबासा में दंतैल हाथी ने मचाया हाहाकार, एक दिन में 7 लोगों को कुचलकर मार डाला; 4 घायल; गांव-गांव में फैली दहशत

On: January 7, 2026 11:32 AM
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चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले के नोवामुंडी प्रखंड अंतर्गत जेटेया थाना क्षेत्र में मंगलवार को जंगली दंतैल हाथी के उपद्रव से पूरा इलाका सहम उठा। हाथी के हमले में अलग-अलग गांवों में कुल सात ग्रामीणों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि चार अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।


सबसे भयावह घटना बवाडिया गांव में हुई, जहां हाथी ने एक ही परिवार को निशाना बनाया। बताया गया कि परिवार के छह सदस्य पुआल से बने घर में खलियान के पास सो रहे थे। देर रात दंतैल हाथी ने घर को तोड़ते हुए चार लोगों को कुचलकर मार डाला। मृतकों में पति-पत्नी और उनके दो मासूम बच्चे शामिल हैं। परिवार का एक सदस्य किसी तरह भागकर जान बचाने में सफल रहा, जबकि एक अन्य सदस्य का पैर हाथी ने कुचल दिया, जिसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है।


इसी दौरान बडापासेया गांव में हाथी के हमले में एक व्यक्ति की जान चली गई। वहीं लांपाईसाई गांव में भी हाथी ने एक ग्रामीण को रौंदकर मौत के घाट उतार दिया। इन दोनों गांवों में मृतकों की पहचान बुधवार सुबह तक नहीं हो सकी थी।


इन घटनाओं में घायल हुए चार ग्रामीणों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिनमें से एक की स्थिति अत्यंत नाजुक बताई जा रही है। लगातार हो रही मौतों से गांवों में मातम पसरा हुआ है और लोगों में भय का माहौल है।


जानकारी के अनुसार झुंड से बिछड़ा यह दंतैल हाथी सुबह करीब चार बजे तक गितिकेंदू गांव में देखा गया था और बाद में जगन्नाथपुर थाना क्षेत्र के काटेपाड़ा गांव की ओर बढ़ गया। हाथी की लगातार आवाजाही से आसपास के गांवों में भी अलर्ट जारी किया गया है। गौरतलब है कि पिछले सात दिनों में जिले में जंगली हाथियों के हमले से 17 लोगों की मौत हो चुकी है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई ऐसे मामले भी हैं, जिनका आंकड़ा वन विभाग के रिकॉर्ड में दर्ज नहीं है।


स्थिति की गंभीरता को देखते हुए दंतैल हाथी को पकड़ने के लिए पश्चिम बंगाल और गुजरात से विशेष प्रशिक्षित टीमों को बुलाया गया है। इसके अलावा जिले के सभी वन प्रमंडलों की क्विक रिस्पांस टीम (QRT) को तैनात कर हाथी को घने जंगलों की ओर खदेड़ने का प्रयास किया जा रहा है।


इधर, पिछले पांच दिनों से लगातार हो रही मौतों के कारण ग्रामीणों में वन विभाग के प्रति भारी नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि चाईबासा, टोंटो और गोईलकेरा क्षेत्र में पहले भी इसी हाथी ने कई लोगों की जान ली थी, बावजूद इसके समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए।


फिलहाल वन विभाग हाथी की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है और ग्रामीणों से रात के समय घरों से बाहर न निकलने की अपील की जा रही है। हालांकि, लगातार बढ़ते हमलों ने प्रशासन की चुनौती बढ़ा दी है।

Vishwajeet

मेरा नाम विश्वजीत कुमार है। मैं वर्तमान में झारखंड वार्ता (समाचार संस्था) में कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हूं। समाचार लेखन, फीचर स्टोरी और डिजिटल कंटेंट तैयार करने में मेरी विशेष रुचि है। सटीक, सरल और प्रभावी भाषा में जानकारी प्रस्तुत करना मेरी ताकत है। समाज, राजनीति, खेल और समसामयिक मुद्दों पर लेखन मेरा पसंदीदा क्षेत्र है। मैं हमेशा तथ्यों पर आधारित और पाठकों के लिए उपयोगी सामग्री प्रस्तुत करने का प्रयास करता हूं। नए विषयों को सीखना और उन्हें रचनात्मक अंदाज में पेश करना मेरी कार्यशैली है। पत्रकारिता के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की कोशिश करता हूं।

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