लोहरदगा: कोयल नदी पर बने रेलवे पुल के पिलर संख्या-5 में दरार पाए जाने के बाद रेलवे ने बड़ा एहतियाती कदम उठाया है। सुरक्षा कारणों से लोहरदगा रेलवे स्टेशन को मार्च 2026 तक अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। इसके चलते रांची-सासाराम एक्सप्रेस और रांची-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस सहित कई महत्वपूर्ण ट्रेनें अगले दो महीनों तक इस रूट से होकर नहीं चलेंगी।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, पुल की संरचनात्मक स्थिति को देखते हुए तत्काल मरम्मत की आवश्यकता थी। इसी वजह से लोहरदगा होकर होने वाले सभी रेल परिचालनों को रोक दिया गया है।
बदले गए ट्रेनों के मार्ग
रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए वैकल्पिक मार्गों की घोषणा की है।
रांची-सासाराम एक्सप्रेस 8 जनवरी से मेसरा-बरकाकाना परिवर्तित मार्ग से चलाई जाएगी।
रांची-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस अब रांची-टाटीसिलवे-मेसरा-बरकाकाना मार्ग से होकर चलेगी।
इसके अलावा, रांची-लोहरदगा और अन्य मेमू पैसेंजर ट्रेनें अब लोहरदगा स्टेशन तक नहीं जाएंगी। ये ट्रेनें करीब 8 किलोमीटर पहले इरगांव हॉल्ट तक ही संचालित होंगी।
यात्रियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था
रेलवे ने लोहरदगा और इरगांव के बीच यात्रियों की आवाजाही को आसान बनाने के लिए बस सेवा उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। साथ ही लोहरदगा से टोरी के लिए एक कनेक्टिंग ट्रेन भी शुरू की जा रही है, जिससे आगे की यात्रा करने वाले यात्रियों को राहत मिल सके।
महाप्रबंधक ने किया निरीक्षण
दक्षिण पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक अनिल कुमार मिश्र ने पुल का स्थल निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट कहा कि यात्रियों की सुरक्षा रेलवे की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि सभी तकनीकी मानकों और सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद ही ट्रेन परिचालन बहाल किया जाएगा।
चरणबद्ध तरीके से होगी मरम्मत
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि सबसे पहले पिलर संख्या-5 की मरम्मत की जाएगी। इसके बाद पिलर संख्या-6 और 7 पर काम शुरू होगा।
पुल की मरम्मत में 3 से 4 तकनीकी टीमें 24 घंटे काम करेंगी।
15 फरवरी तक सॉइल टेस्टिंग पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है।
मार्च के अंतिम सप्ताह तक आंशिक रूप से ट्रेन परिचालन शुरू करने की योजना है।
पुल से जुड़ा पूरा मरम्मत कार्य मई 2026 तक पूरा किया जाएगा।
अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम
सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पिलर संख्या 4, 5, 6 और 7 पर जैकेटिंग और पाइलिंग का कार्य किया जाएगा। इसके साथ ही अस्थायी रूप से स्टील गार्डर लगाने की भी योजना बनाई गई है, ताकि मरम्मत के दौरान कुछ ट्रेनें सुरक्षित रूप से चलाई जा सकें।
रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा से पहले ट्रेनों की स्थिति की जानकारी अवश्य ले लें।














