कोडरमा: कोडरमा थाना क्षेत्र के पूर्णानगर मोहल्ले में गुरुवार देर रात एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां अत्यधिक ठंड से बचने के लिए कमरे में बोरसी जलाकर सो रहे दंपती की धुएं से दम घुटने के कारण मौत हो गई। शुक्रवार सुबह घटना का पता चलने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई, जबकि परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
मृतकों की पहचान वीरेंद्र शर्मा (55) और उनकी पत्नी कांति देवी (48) के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, दोनों ने कमरे में बोरसी जला ली और दरवाजा बंद कर सो गए। शुक्रवार सुबह करीब 6 बजे जब उनकी बड़ी बहू जयंती देवी घर की साफ-सफाई के लिए सास-ससुर के कमरे में पहुंची, तो उसने अंदर का दृश्य देखकर शोर मचाया। कमरे के भीतर दोनों जमीन पर बेसुध पड़े थे और उनकी नाक से खून निकल रहा था। शोर सुनकर परिवार के अन्य सदस्य और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे।
स्थानीय लोगों की मदद से दोनों को तुरंत सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक तौर पर चिकित्सकों ने दम घुटने से मौत की आशंका जताई है। बताया जा रहा है कि बंद कमरे में बोरसी से निकले धुएं और कार्बन मोनोऑक्साइड गैस के कारण यह हादसा हुआ।
मृतक वीरेंद्र शर्मा कोडरमा बाजार में सैलून चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। वे मिलनसार स्वभाव के थे और इलाके में अच्छी पहचान रखते थे। उनकी अचानक मौत से मोहल्ले में शोक की लहर है।
घटना की सूचना मिलने पर कोडरमा पुलिस सदर अस्पताल पहुंची और मृत दंपती के पुत्र से लिखित बयान लिया। पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
इस घटना के बाद प्रशासन और पुलिस ने लोगों से अपील की है कि ठंड से बचाव के दौरान बंद कमरों में अंगीठी या बोरसी जलाने से बचें, क्योंकि इससे जानलेवा हादसे हो सकते हैं।














