ढाका: बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। ताज़ा मामला देश के सुनामगंज जिले के भांगदोहोर गांव से सामने आया है, जहां एक हिंदू युवक की बेरहमी से हत्या किए जाने का आरोप लगा है। मृतक की पहचान जॉय महापात्रो के रूप में हुई है।
परिजनों के अनुसार, जॉय पर गांव के ही कुछ लोगों ने हमला किया। आरोप है कि उसे पहले दौड़ा-दौड़ा कर पीटा गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजनों का दावा है कि मारपीट के बाद भी हमलावरों का गुस्सा शांत नहीं हुआ और उसे कथित तौर पर जहर पिला दिया गया, जिससे उसकी मौत हो गई।
परिवार का कहना है कि जॉय का शव इस हालत में मिला कि उसकी पहचान करना भी मुश्किल हो रहा था। इस घटना के बाद पूरे हिंदू समुदाय में भय और आक्रोश का माहौल है। मृतक के परिजनों ने अमीरुल इस्लाम नाम के व्यक्ति पर हत्या का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि अमीरुल ने न केवल जॉय की पिटाई की बल्कि बाद में उसे ज़हर देकर मार डाला।
परिजनों ने स्थानीय प्रशासन से निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि जॉय का किसी भी प्रकार का कोई अपराध नहीं था और उसे केवल उसकी पहचान के कारण निशाना बनाया गया।
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, यह घटना बीते 20 दिनों में हिंदू युवाओं की कथित हत्याओं की श्रृंखला की एक और कड़ी मानी जा रही है। हालांकि प्रशासन की ओर से अब तक इस मामले में कोई आधिकारिक विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है।
मानवाधिकार संगठनों और अल्पसंख्यक अधिकार कार्यकर्ताओं ने इस घटना पर चिंता जताते हुए बांग्लादेश सरकार से अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है। उनका कहना है कि ऐसी घटनाएं न केवल कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करती हैं, बल्कि सामाजिक सौहार्द को भी गहरी चोट पहुंचाती हैं।
फिलहाल पुलिस द्वारा मामले की जांच किए जाने की बात कही जा रही है। परिजन और स्थानीय लोग जल्द गिरफ्तारी और न्याय की मांग कर रहे हैं।












