Jharkhand Weather: झारखंड के कई जिलों में इन दिनों कड़ाके की ठंड ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। ठंड में फिलहाल किसी भी तरह की नरमी देखने को नहीं मिल रही है। खासकर आदिवासी बहुल खूंटी जिले में सर्दी का प्रकोप सबसे अधिक नजर आ रहा है, जहां न्यूनतम तापमान गिरकर 1.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। हालात ऐसे हैं कि पेड़ों की टहनियों पर जमी ओस की बूंदें बर्फ की परत जैसी दिखाई दे रही हैं।
शनिवार को ठंड ने और भी तीखा रूप ले लिया। रांची जिले के मैकलुस्कीगंज में न्यूनतम तापमान माइनस एक डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन का अब तक का सबसे निचला स्तर माना जा रहा है। वहीं कांके क्षेत्र में पारा 2.5 डिग्री तक लुढ़क गया। राज्य के कुल सात जिलों में न्यूनतम तापमान पांच डिग्री से नीचे रिकॉर्ड किया गया, जिससे शीतलहर का असर साफ तौर पर महसूस किया जा रहा है।
कड़ाके की ठंड का सबसे बड़ा असर किसानों पर पड़ रहा है। खेतों में खड़ी फसलों को पाला मारने का खतरा बढ़ गया है। खासकर सब्जी और दलहन की फसलों को बचाना किसानों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। कई इलाकों में किसान रात के समय खेतों में धुआं कर या सिंचाई कर फसलों को पाले से बचाने की कोशिश कर रहे हैं।
मौसम की गंभीर स्थिति को देखते हुए रांची मौसम विभाग ने राज्य के कई हिस्सों में शीतलहर को लेकर अलर्ट जारी किया है। मेदिनीनगर, चाईबासा, गढ़वा, गुमला, हजारीबाग, खूंटी और पश्चिमी सिंहभूम सहित अधिकांश जिलों में शीतलहर का असर बना हुआ है। वहीं आज के लिए रांची, खूंटी और गुमला जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है, जिससे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
अन्य जिलों की बात करें तो लातेहार में पिछले 24 घंटे के दौरान अधिकतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। लोहरदगा में अधिकतम तापमान 18.3 डिग्री रहा, जबकि पाकुड़ और बोकारो में अधिकतम तापमान 21.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हालांकि दिन में धूप निकलने के बावजूद ठंडी हवाओं के कारण ठंड का असर बना हुआ है।
मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक ठंड से राहत मिलने के आसार कम हैं। लोगों को गर्म कपड़े पहनने, सुबह-शाम बाहर निकलने से बचने और विशेष रूप से बच्चों व बुजुर्गों का ध्यान रखने की सलाह दी गई है। शीतलहर के चलते जनजीवन प्रभावित है और राज्यभर में लोग ठंड से बचाव के उपायों में जुटे हुए हैं।











