Jharkhand Weather: झारखंड इन दिनों भीषण शीतलहर की चपेट में है। पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही बर्फबारी और उत्तर भारत से आ रही ठंडी पश्चिमी हवाओं की वजह ने झारखंड के मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया है। राज्य के लगभग सभी जिलों में हाड़ कंपाने वाली ठंड ने आम जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। सुबह और रात के समय ठिठुरन बढ़ गई है, वहीं मैदानी इलाकों से लेकर पठारी क्षेत्रों तक ठंड का असर साफ नजर आ रहा है।
मंगलवार को राज्य के कई इलाकों में तापमान रिकॉर्ड स्तर तक गिर गया। रांची जिले के मैक्लुस्कीगंज में न्यूनतम तापमान 1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान गुमला में 2.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
अन्य जिलों की बात करें तो खूंटी, लातेहार और लोहरदगा में न्यूनतम तापमान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। कांके में पारा 6.2 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि राजधानी रांची का अधिकतम तापमान 21.6 डिग्री और न्यूनतम तापमान 7.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। राज्य में सबसे अधिक अधिकतम तापमान चाईबासा में 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
मौसम विज्ञान केंद्र, रांची के अनुसार ठंड से फिलहाल राहत मिलने की कोई संभावना नहीं है। विभाग ने अपने पूर्वानुमान में बताया है कि 14 और 15 जनवरी को राज्य के तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक और गिरावट हो सकती है, जिससे ठिठुरन और बढ़ेगी।
मौसम विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि इसके बाद अगले तीन दिनों यानी 16, 17 और 18 जनवरी तक न्यूनतम तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। यानी ठंड का प्रकोप लगातार बना रहेगा।
शीतलहर को देखते हुए मौसम विभाग ने रांची, खूंटी, रामगढ़, बोकारो, हजारीबाग, चतरा, पलामू, गढ़वा, लातेहार, लोहरदगा, गुमला, सिमडेगा और जमशेदपुर के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में ठंड से बचाव के लिए विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
लगातार गिरते तापमान के कारण बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। ठंड के कारण स्कूलों, दफ्तरों और बाजारों में भी लोगों की आवाजाही कम देखी जा रही है।












