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रांची: ED अधिकारियों पर पूछताछ के नाम पर मारपीट का आरोप, जांच के लिए ED ऑफिस पहुंची पुलिस; CISF की तैनाती

On: January 15, 2026 2:31 PM
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रांची: राजधानी रांची में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) कार्यालय के भीतर पूछताछ के दौरान मारपीट का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़ित द्वारा एफआईआर दर्ज कराए जाने के बाद रांची पुलिस हरकत में आ गई है। एयरपोर्ट थाना पुलिस की टीम ने गुरुवार को ईडी कार्यालय पहुंचकर मामले की जांच शुरू कर दी।
जानकारी के अनुसार, ईडी दफ्तर में एक दर्जन से अधिक पुलिस अधिकारी और जवान मौजूद हैं, जो पूरे घटनाक्रम से जुड़े साक्ष्यों को खंगाल रहे हैं। पुलिस टीम ने कार्यालय परिसर के सीसीटीवी फुटेज जब्त कर लिए हैं और संबंधित अधिकारियों से पूछताछ भी की जा रही है। इसके अलावा दस्तावेजों, वीडियो रिकॉर्डिंग और अन्य अहम सबूतों की भी जांच की जा रही है। ED ने सुरक्षा के लिहाज से सीआईएसएफ को भी बुलाया है, जहां सुरक्षाबलों ने ईडी दफ्तर को घेर लिया है।


यह मामला अपर चुटिया निवासी संतोष कुमार से जुड़ा है, जिन्होंने एयरपोर्ट थाने में शिकायत दर्ज कराई है। संतोष कुमार ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि 12 जनवरी को ईडी कार्यालय में पूछताछ के दौरान ईडी के दो अधिकारियों ने उनके साथ बेरहमी से मारपीट की।


शिकायत के मुताबिक, 12 जनवरी को सुबह करीब 10 बजे ईडी कार्यालय में हाजिर होने के लिए उन्हें फोन किया गया था। वे कार्यालय पहुंचे। दोपहर को एक ईडी अधिकारी ने उन्हें अपने कक्ष में बुलाया, जहां पहले से एक अन्य अधिकारी मौजूद था।


आरोप है कि पूछताछ के दौरान उनसे जबरन आरोप स्वीकार कराने का दबाव बनाया गया। इनकार करने पर दोनों अधिकारियों ने उनके साथ मारपीट शुरू कर दी और गालियां दीं। पीड़ित का कहना है कि डंडे से भी उनकी पिटाई की गई और उन्हें यह तक कहा गया कि अगर तुम मर भी जाओ तो हमें कोई फर्क नहीं पड़ेगा।


मारपीट के कारण संतोष कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बाद दोपहर करीब 2 बजे दोनों अधिकारी उन्हें सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में ले गए। आरोप है कि वहां डॉक्टरों को धमकाया गया कि चोट लगने की बात मेडिकल रिपोर्ट में न लिखें, नहीं तो उनकी पत्नी और बच्चों को जेल भेज दिया जाएगा।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि अधिकारियों ने शाम 4 बजे तक संतोष को अस्पताल में रखा, लेकिन इस दौरान उनके परिजनों को कोई सूचना नहीं दी गई। बाद में उन्हें दोबारा ईडी कार्यालय ले जाया गया, जहां सबूत मिटाने के इरादे से उनकी खून से सनी टी-शर्ट बदलवा दी गई। आरोप है कि इसके बाद उनसे घटना की रिपोर्ट लिखे एक ‎कागज पर जबरन दस्तखत कराए गए, जिसे उन्हें पढ़ने तक नहीं दिया गया।‎


फिलहाल, एफआईआर के आधार पर रांची पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक और कानूनी हलकों में भी हलचल तेज हो गई है।

Vishwajeet

मेरा नाम विश्वजीत कुमार है। मैं वर्तमान में झारखंड वार्ता (समाचार संस्था) में कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हूं। समाचार लेखन, फीचर स्टोरी और डिजिटल कंटेंट तैयार करने में मेरी विशेष रुचि है। सटीक, सरल और प्रभावी भाषा में जानकारी प्रस्तुत करना मेरी ताकत है। समाज, राजनीति, खेल और समसामयिक मुद्दों पर लेखन मेरा पसंदीदा क्षेत्र है। मैं हमेशा तथ्यों पर आधारित और पाठकों के लिए उपयोगी सामग्री प्रस्तुत करने का प्रयास करता हूं। नए विषयों को सीखना और उन्हें रचनात्मक अंदाज में पेश करना मेरी कार्यशैली है। पत्रकारिता के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की कोशिश करता हूं।

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