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अमेरिका में पाकिस्तान-बांग्लादेश समेत 75 देशों के नागरिकों की ‘No Entry’, वीजा प्रोसेसिंग पर लगी रोक; यहां देखें पूरी ल‍िस्‍ट

On: January 15, 2026 5:56 PM
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वॉशिंगटन डीसी: अमेरिका ने इमिग्रेशन नीति को लेकर अब तक का सबसे सख़्त क़दम उठाते हुए 75 देशों से आने वाले लोगों के लिए इमिग्रेंट वीजा प्रोसेसिंग पर अनिश्चितकालीन रोक लगाने का ऐलान किया है। ट्रंप प्रशासन का यह आदेश 21 जनवरी 2026 से लागू होगा, जिसके बाद अमेरिका में क़ानूनी तौर पर बसने के रास्ते और सीमित हो जाएंगे।


इस फ़ैसले के दायरे में दक्षिण एशिया के कई देश भी आ गए हैं। पाकिस्तान और बांग्लादेश के अलावा भूटान और नेपाल को भी इस सूची में शामिल किया गया है। यह प्रतिबंध हाल के वर्षों में वीज़ा नीति को लेकर अमेरिका का सबसे व्यापक और सख़्त क़दम माना जा रहा है।


इन देशों पर लगी इमिग्रेशन वीज़ा प्रोसेसिंग की रोक


अमेरिकी सरकार द्वारा जारी सूची में कुल 75 देश शामिल हैं, जिनमें एशिया, अफ्रीका, यूरोप, लैटिन अमेरिका और कैरिबियाई क्षेत्र के देश हैं।

इन देशों के लिए इमिग्रेशन वीज़ा प्रोसेसिंग पर लगी रोक

अफ़ग़ानिस्तान, अल्बानिया, अल्जीरिया, एंटीगुआ और बारबुडा, आर्मेनिया, अज़रबैजान, बहामास, बांग्लादेश, बारबाडोस, बेलारूस, बेलीज़, भूटान, बोस्निया, ब्राज़ील, म्यांमार (बर्मा), कंबोडिया, कैमरून, केप वर्डे, कोलंबिया, कोट डी आइवर, क्यूबा, डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो, डोमिनिका, मिस्र, इरिट्रिया, इथियोपिया, फिजी, गाम्बिया, जॉर्जिया, घाना, ग्रेनेडा, ग्वाटेमाला, गिनी, हैती, ईरान, इराक, जमैका, जॉर्डन, कज़ाख़िस्तान, कोसोवो, कुवैत, किर्गिज़स्तान, लाओस, लेबनान, लाइबेरिया, लीबिया, मैसेडोनिया, मोल्दोवा, मंगोलिया, मोंटेनेग्रो, मोरक्को, नेपाल, निकारागुआ, नाइजीरिया, पाकिस्तान, रिपब्लिक ऑफ़ कांगो, रूस, रवांडा, सेंट किट्स और नेविस, सेंट लूसिया, सेंट विंसेंट और ग्रेनेडाइंस, सेनेगल, सिएरा लियोन, सोमालिया, दक्षिण सूडान, सूडान, सीरिया, तंज़ानिया, थाईलैंड, टोगो, ट्यूनीशिया, युगांडा, उरुग्वे, उज़्बेकिस्तान और यमन।


शरण, नागरिकता और ग्रीन कार्ड पर भी असर


सिर्फ़ इमिग्रेंट वीज़ा ही नहीं, बल्कि प्रतिबंध सूची में शामिल शुरुआती 19 देशों के नागरिकों के लिए शरण (Asylum), नागरिकता प्रक्रिया और ग्रीन कार्ड आवेदनों पर भी रोक लगा दी गई है। इससे लाखों ऐसे लोगों पर असर पड़ेगा, जो पहले से अमेरिका में बसने की प्रक्रिया में थे।


अमेरिकी विदेश मंत्रालय का बयान


अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रमुख उप प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने इस फ़ैसले को लेकर कहा, ‘विदेश मंत्रालय अपने अधिकारों का इस्तेमाल करेगा ताकि ऐसे संभावित प्रवासियों को अयोग्य घोषित किया जा सके, जो अमेरिका पर बोझ बन सकते हैं और अमेरिकी जनता की उदारता का फ़ायदा उठा सकते हैं।


पिगॉट ने साफ़ किया कि इमिग्रेंट वीज़ा प्रक्रिया को अस्थायी रूप से निलंबित किया गया है, ताकि इसकी दोबारा समीक्षा की जा सके और ऐसे विदेशी नागरिकों की एंट्री रोकी जा सके, जो भविष्य में वेलफेयर और सार्वजनिक लाभ योजनाओं पर निर्भर हो सकते हैं।


हालांकि, यह प्रतिबंध नॉन-इमिग्रेंट वीज़ा यानी अस्थायी पर्यटक, कारोबारी या अल्पकालिक यात्राओं पर लागू नहीं होगा।


राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर सख़्ती


पिछले कुछ महीनों से ट्रंप प्रशासन उन देशों से होने वाले इमिग्रेशन पर लगातार सख़्ती बढ़ा रहा है, जिन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए ख़तरा माना जा रहा है। इनमें रूस, ईरान, अफ़ग़ानिस्तान और अफ़्रीका के कई देश पहले से निशाने पर हैं।


नवंबर में वॉशिंगटन डीसी में नेशनल गार्ड के दो सदस्यों पर गोलीबारी के मामले में अफगानिस्तान से आए एक प्रवासी का नाम सामने आने के बाद 19 देशों के नागरिकों पर प्रवेश प्रतिबंध या कड़ी सीमाएं लगा दी गई थीं। दिसंबर में इस सूची का विस्तार करते हुए पांच और देशों को जोड़ा गया था, साथ ही फ़लिस्तीनी अथॉरिटी द्वारा जारी दस्तावेज़ों पर यात्रा करने वालों को भी प्रतिबंध के दायरे में लाया गया।


पाकिस्तान को बड़ा झटका


दिलचस्प बात यह है कि हाल के दिनों में अमेरिका और पाकिस्तान के रिश्तों में सुधार देखने को मिला था। पाकिस्तान ने तो राष्ट्रपति ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामित करने की सिफ़ारिश तक की थी।


पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर और प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने अमेरिका जाकर राष्ट्रपति ट्रंप से मुलाक़ात की थी। ट्रंप ने जनरल मुनीर का व्हाइट हाउस में स्वागत किया था और पाकिस्तान में निवेश की संभावनाओं पर भी बात हुई थी। इसके बावजूद पाकिस्तान को इस वीज़ा प्रतिबंध सूची में शामिल किए जाने से हज़ारों पाकिस्तानियों की अमेरिका यात्रा, पढ़ाई और वर्क प्लान पर सीधा असर पड़ सकता है। बड़ी संख्या में पाकिस्तानी हर साल अमेरिकी वीजा के लिए आवेदन करते हैं।

यह फ़ैसला आने वाले समय में वैश्विक स्तर पर अमेरिका की इमिग्रेशन नीति को और सख़्त बना सकता है। साथ ही, जिन देशों को इस सूची में शामिल किया गया है, उनके साथ अमेरिका के कूटनीतिक रिश्तों पर भी इसका असर पड़ सकता है।

Vishwajeet

मेरा नाम विश्वजीत कुमार है। मैं वर्तमान में झारखंड वार्ता (समाचार संस्था) में कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हूं। समाचार लेखन, फीचर स्टोरी और डिजिटल कंटेंट तैयार करने में मेरी विशेष रुचि है। सटीक, सरल और प्रभावी भाषा में जानकारी प्रस्तुत करना मेरी ताकत है। समाज, राजनीति, खेल और समसामयिक मुद्दों पर लेखन मेरा पसंदीदा क्षेत्र है। मैं हमेशा तथ्यों पर आधारित और पाठकों के लिए उपयोगी सामग्री प्रस्तुत करने का प्रयास करता हूं। नए विषयों को सीखना और उन्हें रचनात्मक अंदाज में पेश करना मेरी कार्यशैली है। पत्रकारिता के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की कोशिश करता हूं।

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