जमशेदपुर: आदित्यपुर स्माल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (ASIA) के उपाध्यक्ष और मशहूर व्यवसायी देवांग गांधी के 24 साल के पुत्र कैरव गांधी का अपहरण कर लिया गया है। घटना को तीन दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक पुलिस को कोई ठोस सफलता हाथ नहीं लगी है। इस सनसनीखेज वारदात के बाद से गांधी परिवार गहरे सदमे में है, वहीं पुलिस की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि इस अपहरण के पीछे बिहार के कुख्यात छोटू यादव–जॉन गिरोह की भूमिका हो सकती है। बताया जा रहा है कि इस अंतरराज्यीय गिरोह ने जमशेदपुर के कुछ स्थानीय युवकों के साथ मिलकर पूरी साजिश रची थी। जानकारी के अनुसार, अपहरणकर्ताओं ने इस मामले में करीब 10 करोड़ रुपये की फिरौती की मांग की है। हालांकि, कैरव गांधी के परिजनों का कहना है कि अब तक उन्हें फिरौती को लेकर कोई आधिकारिक कॉल प्राप्त नहीं हुई है। परिजनों ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई कॉल आती है तो इसकी जानकारी तुरंत पुलिस को दी जाएगी।
यह अपहरण सोनारी एयरपोर्ट के पीछे कदमा–सोनारी लिंक रोड पर अंजाम दिया गया, जो शहर का अपेक्षाकृत व्यस्त इलाका माना जाता है। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। पुलिस तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन के आधार पर मामले की परतें खोलने में जुटी हुई है। जांच के दौरान कई संदिग्ध गतिविधियों और संभावित लिंक सामने आए हैं, जिससे पुलिस को अपहरण के तरीके और साजिश की गंभीरता का अंदाजा मिला है।
छोटू यादव गिरोह पहले भी कई संगीन आपराधिक घटनाओं में शामिल रहा है और यह गिरोह कुख्यात अपराधी चंदन सोनकर के लिए भी काम कर चुका है। इसी पृष्ठभूमि में पुलिस को आशंका है कि कैरव गांधी के अपहरण में भी इसी गिरोह की अहम भूमिका हो सकती है। गिरोह के पुराने रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं और उनके संभावित ठिकानों पर नजर रखी जा रही है।
इस पूरे मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि अपहरण के समय दो बदमाश पुलिस की वर्दी में थे। प्रत्यक्षदर्शियों और तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस को आशंका है कि वर्दी पहनकर बदमाशों ने कैरव गांधी को रोका, जबरन वाहन में बैठाया और मौके से फरार हो गए। पुलिस वर्दी में होने के कारण वहां मौजूद लोगों को किसी तरह का संदेह नहीं हुआ, जिससे अपराधियों ने बड़ी आसानी से वारदात को अंजाम दे दिया।
फिलहाल पुलिस की कई टीमें झारखंड और बिहार के संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही हैं। तकनीकी सेल को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू पर बारीकी से जांच की जा रही है और जल्द ही इस हाई-प्रोफाइल अपहरण कांड में अहम खुलासा होने की उम्मीद है।














