रांची: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने प्रतिबंधित नक्सली संगठन सीपीआई (माओवादी) को फिर से सक्रिय करने की साजिश से जुड़े एक बड़े मामले में फरार आरोपी चंदन कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। एनआईए ने गुरुवार को उसे मुंबई से दबोचा। गिरफ्तार नक्सली की पहचान बिहार के जहानाबाद जिले के निवासी चंदन कुमार के रूप में हुई है, जो संगठन का सक्रिय सदस्य बताया जा रहा है।
एनआईए के मुताबिक, चंदन कुमार झारखंड-बिहार के मगध जोन में नक्सली गतिविधियों को दोबारा खड़ा करने की साजिश में अहम भूमिका निभा रहा था। वह माओवादी संगठन के लिए फंड जुटाने, पुराने कैडरों को फिर से सक्रिय करने और नए नेटवर्क खड़े करने में शामिल था। जांच एजेंसी का कहना है कि आरोपी संगठन के वित्तीय मामलों में गहराई से जुड़ा हुआ था और माओवादियों की आर्थिक रीढ़ को मजबूत करने का काम कर रहा था।
मामला दिसंबर 2021 में दर्ज किया गया था, जिसका आरसी नंबर आरसी-05/2021/एनआईए/रांची है। इस केस में प्रद्युम्न शर्मा, सुनील भगत, अभय मांझी उर्फ गुड्डू, बिट्टू उर्फ योजनंद्र पासवान समेत कई अन्य आरोपियों के नाम सामने आए हैं। एनआईए की विशेष अदालत ने पहले ही चंदन कुमार को भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत भगोड़ा घोषित कर रखा था।
एनआईए की जांच में यह भी सामने आया है कि चंदन कुमार लंबे समय तक विभिन्न जांच एजेंसियों की नजरों से बचने के लिए मजदूर के भेष में छिपा रहा। हालांकि, भूमिगत रहने के बावजूद वह ग्रामीण इलाकों में सक्रिय अपने एजेंट्स, जिन्हें ग्राउंड वर्कर्स (जीडब्ल्यूएस) कहा जाता है, के जरिए संगठन को निर्देश देता रहा। ये एजेंट स्थानीय स्तर पर लेवी वसूली, नए सदस्यों की भर्ती और हथियारों की आपूर्ति जैसे काम संभालते थे।
जांच एजेंसी के अनुसार, यह पूरा षड्यंत्र मगध क्षेत्र में सीपीआई (माओवादी) संगठन को दोबारा मजबूत करने और उसके विस्तार के लिए रचा गया था। एनआईए अब आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर लेकर आगे की पूछताछ की तैयारी कर रही है, ताकि संगठन के अन्य नेटवर्क, फंडिंग चैनल और सक्रिय कैडरों के बारे में और जानकारी जुटाई जा सके।













