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ईडी अधिकारियों को मिली राहत, झारखंड हाईकोर्ट ने पुलिस कार्रवाई पर लगाई रोक; राज्य सरकार से मांगा जवाब 

On: January 16, 2026 3:18 PM
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रांची: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के रांची स्थित कार्यालय में कथित मारपीट का मामला अब गंभीर कानूनी मोड़ ले चुका है। झारखंड हाईकोर्ट ने इस पूरे प्रकरण को गंभीर मानते हुए रांची पुलिस द्वारा की जा रही जांच पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। अदालत ने ईडी की याचिका पर सुनवाई करते हुए कई अहम और दूरगामी निर्देश जारी किए हैं। मामले की अगली सुनवाई 9 फरवरी को निर्धारित की गई है।


केंद्र सरकार और शिकायतकर्ता को बनाया गया पक्षकार


हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार के गृह सचिव को इस मामले में पक्षकार बनाने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपी और शिकायतकर्ता संतोष कुमार को भी पार्टी बनाने का आदेश दिया गया है। अदालत ने राज्य सरकार को सात दिनों के भीतर अपना जवाब दाखिल करने को कहा है, जबकि संतोष कुमार को 10 दिनों के अंदर अपना पक्ष अदालत के समक्ष रखने का निर्देश दिया गया है।


पुलिस जांच पर रोक, सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने का आदेश
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए ईडी कार्यालय में लगे सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज सुरक्षित रखी जाए। अदालत ने यह भी कहा कि किसी भी साक्ष्य से छेड़छाड़ नहीं होनी चाहिए। इसी के मद्देनज़र रांची पुलिस की जांच पर फिलहाल रोक लगा दी गई है।


ईडी कार्यालय की सुरक्षा पर सख्त निर्देश


हाईकोर्ट ने ईडी कार्यालय की सुरक्षा को लेकर भी कड़े निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने कहा है कि ईडी दफ्तर की सुरक्षा की जिम्मेदारी सीआईएसएफ, बीएसएफ या किसी अन्य केंद्रीय अर्धसैनिक बल को सौंपी जाए। इसके अलावा रांची के एसएसपी को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है कि ईडी कार्यालय की सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी तरह की चूक न हो।


क्या है पूरा मामला


पूरा विवाद राजधानी रांची के एयरपोर्ट रोड स्थित प्रवर्तन निदेशालय कार्यालय से जुड़ा है। पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के पूर्व क्लर्क संतोष कुमार ने आरोप लगाया है कि उन्हें पूछताछ के लिए ईडी कार्यालय बुलाया गया था। इस दौरान ईडी के सहायक निदेशक प्रतीक और उनके सहायक शुभम ने उनके साथ मारपीट की। संतोष कुमार का दावा है कि मारपीट में उनका सिर फोड़ दिया गया और बाद में सबूत मिटाने की कोशिश भी की गई।
घटना के बाद संतोष कुमार ने रांची के एयरपोर्ट थाने में ईडी के दोनों अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। एफआईआर दर्ज होने के बाद गुरुवार सुबह रांची पुलिस की टीम जांच के लिए ईडी कार्यालय पहुंची। पुलिस के साथ फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की टीम भी मौके पर मौजूद थी। एहतियात के तौर पर ईडी दफ्तर के बाहर भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी।


ईडी ने आरोपों को बताया साजिश


वहीं, प्रवर्तन निदेशालय ने संतोष कुमार के सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। ईडी के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि संतोष कुमार को किसी तरह का समन नहीं भेजा गया था। ईडी का दावा है कि पूछताछ के दौरान संतोष कुमार ने खुद शीशे की बोतल से अपने सिर पर चोट पहुंचाई थी। ईडी के अनुसार, घटना के तुरंत बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया और समुचित इलाज कराया गया।

Vishwajeet

मेरा नाम विश्वजीत कुमार है। मैं वर्तमान में झारखंड वार्ता (समाचार संस्था) में कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हूं। समाचार लेखन, फीचर स्टोरी और डिजिटल कंटेंट तैयार करने में मेरी विशेष रुचि है। सटीक, सरल और प्रभावी भाषा में जानकारी प्रस्तुत करना मेरी ताकत है। समाज, राजनीति, खेल और समसामयिक मुद्दों पर लेखन मेरा पसंदीदा क्षेत्र है। मैं हमेशा तथ्यों पर आधारित और पाठकों के लिए उपयोगी सामग्री प्रस्तुत करने का प्रयास करता हूं। नए विषयों को सीखना और उन्हें रचनात्मक अंदाज में पेश करना मेरी कार्यशैली है। पत्रकारिता के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की कोशिश करता हूं।

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