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बरेली पुलिस ने झारखंड से फेक न्यूज़ फैलाकर सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाले हैदरी दल के मास्टरमाइंड को दबोचा

On: January 17, 2026 8:07 AM
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रांची: झारखंड के गिरिडीह जिले में रहकर देश में सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने और फेक न्यूज़ फैलाने वाले एक बड़े नेटवर्क को ध्वस्त करते हुए बरेली पुलिस ने ‘हैदरी दल’ के नाम से संचालित विवादित सोशल मीडिया अकाउंट्स के मास्टरमाइंड को धर दबोचा।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आरोपी झारखंड के गिरिडीह का रहने वाला है और दिल्ली में मोमोज बनाने का काम करता था, जहाँ से वह बरेली के माहौल को खराब करने की साजिश रच रहा था।

फेक वीडियो और भड़काऊ पोस्ट का जाल
गिरफ्तार आरोपी की पहचान मो. मजहर अंसारी (निवासी झारखंड) के रूप में हुई है। पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी ‘हैदरी दल बरेली’ और उससे जुड़े दर्जनों अकाउंट्स संचालित कर रहा था। वह फॉलोअर्स बढ़ाने और समाज में तनाव पैदा करने के लिए अन्य राज्यों की पुरानी घटनाओं को एडिट कर उन्हें बरेली की स्थानीय घटना बताकर वायरल करता था। उसके द्वारा पोस्ट किए गए भड़काऊ वीडियो और आपत्तिजनक पोस्ट से दो समुदायों के बीच धार्मिक तनाव पैदा होने का खतरा बना हुआ था।

एसएसपी अनुराग आर्य की रणनीति लाई रंग
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) अनुराग आर्य के निर्देश पर साइबर और सर्विलांस टीम को इस नेटवर्क की जांच सौंपी गई थी। पुलिस ने जब तकनीकी साक्ष्यों का पीछा किया, तो पता चला कि इन अकाउंट्स का सर्वर झारखंड के गिरिडीह जिले में सक्रिय है। पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी को बरेली बुलाकर दबोच लिया। उसके कब्जे से वह मोबाइल फोन भी बरामद हुआ है, जिससे सारा काला खेल चल रहा था।

दिल्ली में मोमोज बनाता था मास्टरमाइंड
पुलिस के अनुसार, मजहर पहले बेंगलुरु और आंध्र प्रदेश के रेस्टोरेंट में काम कर चुका है और वर्तमान में दिल्ली में मोमोज की दुकान पर काम कर रहा था। खाली समय में वह सोशल मीडिया का दुरुपयोग कर समाज में भ्रम फैलाने का काम करता था। कोतवाली प्रभारी सुरेश चन्द्र गौतम ने बताया कि आरोपी के खिलाफ आईटी एक्ट और बीएनएस की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया गया है।

Satish Sinha

मैं सतीश सिन्हा, बीते 38 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ा हूँ। इस दौरान मैंने कई अखबारों और समाचार चैनलों में रिपोर्टर के रूप में कार्य करते हुए न केवल खबरों को पाठकों और दर्शकों तक पहुँचाने का कार्य किया, बल्कि समाज की समस्याओं, आम जनता की आवाज़ और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की वास्तविक तस्वीर को इमानदारी से उजागर करने का प्रयास भी निरंतर करता रहा हूँ। पिछले तकरीबन 6 वर्षों से मैं 'झारखंड वार्ता' से जुड़ा हूँ और क्षेत्रीय से जिले की हर छोटी-बड़ी घटनाओं की सटीक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग के माध्यम से पत्रकारिता को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का प्रयास कर रहा हूँ।

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