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चाईबासा: सारंडा जंगल में सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच भीषण मुठभेड़, 10 नक्सली ढेर

On: January 22, 2026 1:08 PM
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चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले के दुर्गम सारंडा जंगल में गुरुवार सुबह से सुरक्षाबलों और भाकपा (माओवादी) नक्सलियों के बीच जबरदस्त मुठभेड़ जारी है। यह मुठभेड़ छोटानागरा थाना क्षेत्र के कुंभडीह गांव के आसपास शुरू हुई, जिसके बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल कायम हो गया है।


प्रारंभिक जानकारी के अनुसार इस मुठभेड़ में अब तक करीब 10 नक्सलियों के मारे जाने की खबर सामने आ रही है, हालांकि सुरक्षा एजेंसियों की ओर से इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं की गई है। मुठभेड़ लगातार जारी होने के कारण सुरक्षाबल किसी भी तरह की जल्दबाजी में बयान देने से बच रहे हैं। मुठभेड़ स्थल से नक्सलियों के शव, हथियार, गोला-बारूद और दैनिक उपयोग की सामग्री बरामद की गई है।


बताया जा रहा है कि कोबरा बटालियन, सीआरपीएफ और झारखंड पुलिस की संयुक्त टीम नक्सल विरोधी अभियान के तहत सारंडा के घने जंगलों में सर्च ऑपरेशन चला रही थी। इसी दौरान पहले से घात लगाए बैठे नक्सलियों ने अचानक सुरक्षाबलों पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में सुरक्षाबलों ने भी मोर्चा संभालते हुए मोर्चाबंदी की, जिसके बाद मुठभेड़ और तेज हो गई।


सारंडा का इलाका घने जंगलों, ऊंची पहाड़ियों और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के लिए जाना जाता है। यह क्षेत्र लंबे समय से नक्सलियों का गढ़ माना जाता रहा है। इसी वजह से सुरक्षाबल अत्यधिक सतर्कता के साथ ऑपरेशन को अंजाम दे रहे हैं। जंगल के भीतर बड़े पैमाने पर सर्च और कॉम्बिंग ऑपरेशन चलाया जा रहा है और पूरे क्षेत्र को चारों ओर से घेर लिया गया है।
कोल्हान प्रमंडल के डीआईजी अनुरंजन किस्पोट्टा ने मुठभेड़ की पुष्टि करते हुए बताया कि सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच लगातार फायरिंग हो रही है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन पूरा होने के बाद ही मुठभेड़ से जुड़ी विस्तृत जानकारी साझा की जा सकेगी। फिलहाल किसी भी तरह के आंकड़े या दावों पर आधिकारिक मुहर नहीं लगी है।


सूत्रों के मुताबिक, इस मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने एक करोड़ रुपये के इनामी एक बड़े नक्सली कमांडर को भी मार गिराया है। हालांकि इस संबंध में भी अभी तक प्रशासनिक स्तर पर पुष्टि नहीं की गई है। मुठभेड़ के मद्देनजर अतिरिक्त सुरक्षाबलों को इलाके में भेजा गया है, ताकि नक्सलियों की किसी भी संभावित जवाबी कार्रवाई को रोका जा सके।


समाचार लिखे जाने तक मुठभेड़ जारी थी। ऑपरेशन के समाप्त होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि नक्सलियों को कितना नुकसान हुआ है और सुरक्षाबलों को कोई क्षति पहुंची है या नहीं।

Vishwajeet

मेरा नाम विश्वजीत कुमार है। मैं वर्तमान में झारखंड वार्ता (समाचार संस्था) में कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हूं। समाचार लेखन, फीचर स्टोरी और डिजिटल कंटेंट तैयार करने में मेरी विशेष रुचि है। सटीक, सरल और प्रभावी भाषा में जानकारी प्रस्तुत करना मेरी ताकत है। समाज, राजनीति, खेल और समसामयिक मुद्दों पर लेखन मेरा पसंदीदा क्षेत्र है। मैं हमेशा तथ्यों पर आधारित और पाठकों के लिए उपयोगी सामग्री प्रस्तुत करने का प्रयास करता हूं। नए विषयों को सीखना और उन्हें रचनात्मक अंदाज में पेश करना मेरी कार्यशैली है। पत्रकारिता के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की कोशिश करता हूं।

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