जौनपुर: उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसने हर किसी को सोचने पर मजबूर कर दिया है। डॉक्टर बनने की चाह में एक युवक इस कदर अंधा हो गया कि उसने खुद को हमेशा के लिए अपंग बना लिया। इतना ही नहीं, अपने खौफनाक कदम को छिपाने के लिए उसने बदमाशों द्वारा हमला किए जाने की मनगढ़ंत कहानी रच डाली, लेकिन जौनपुर पुलिस की सख्त और सूझबूझ भरी जांच ने इस सनसनीखेज साजिश का पर्दाफाश कर दिया।
मामला लाइन बाजार थाना क्षेत्र के खलीलपुर गांव का है। गांव निवासी सूरज भास्कर ने पुलिस को सूचना दी कि देर रात कुछ अज्ञात बदमाश उसके सड़क किनारे निर्माणाधीन मकान में घुस आए। आरोप था कि बदमाशों ने उसकी बेरहमी से पिटाई की, उसे बेहोश कर दिया और इसके बाद उसके एक पैर का पंजा काटकर अपने साथ ले गए। इस दिल दहला देने वाली घटना की सूचना मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया।
सूचना के आधार पर पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। मामले की विवेचना सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी नगर गोल्डी गुप्ता के नेतृत्व में की गई। शुरुआती जांच के दौरान ही पुलिस को सूरज की कहानी में कई विरोधाभास नजर आने लगे।
जब पुलिस ने सूरज के मोबाइल फोन की जांच की तो उसमें एक युवती का नंबर मिला। युवती से पूछताछ करने पर पुलिस का शक और गहरा हो गया। इसी दौरान जांच टीम के हाथ सूरज की एक निजी डायरी लगी, जिसने पूरे मामले की तस्वीर ही बदल दी।
डायरी में साफ शब्दों में लिखा था, 2026 में मैं MBBS बनकर रहूंगा। गहराई से जांच करने पर पता चला कि सूरज मेडिकल की पढ़ाई कर चुका था, लेकिन MBBS में दो बार असफल होने के बाद वह गहरे मानसिक तनाव में चला गया था। पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि दिव्यांग कोटे के जरिए MBBS में दाखिला पाने के लालच में सूरज ने यह खौफनाक कदम उठाया।
योजना के तहत उसने खुद ही अपना पैर काट लिया और फिर पूरी घटना को बदमाशों की वारदात बताकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की। झूठी कहानी रचकर वह खुद को हमले का शिकार दिखाना चाहता था, ताकि दिव्यांग प्रमाण पत्र के आधार पर MBBS में प्रवेश मिल सके।
हालांकि जौनपुर पुलिस की सतर्कता, तकनीकी जांच और कड़ी पूछताछ ने इस सनकी की खतरनाक प्लान की परतें एक-एक कर खोल दीं। फिलहाल पुलिस आगे की विधिक कार्रवाई में जुटी है और यह मामला पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है।














