रांची: जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में हुए दर्दनाक सड़क हादसे में शहीद हुए भारतीय सेना के जवानों के पार्थिव शरीर बीती रात रांची लाए गए। बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर जैसे ही शहीदों के शव पहुंचे, वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं। पूरा एयरपोर्ट परिसर शोक और देशभक्ति के भाव से सराबोर नजर आया।
सेना के जवानों ने अपने वीर साथियों को गार्ड ऑफ ऑनर देते हुए अंतिम सलामी दी। इस दौरान जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने भी पुष्प अर्पित कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। शहीदों के सम्मान में एयरपोर्ट परिसर कुछ देर के लिए ‘भारत माता की जय’ और ‘शहीद अमर रहें के नारों से गूंज उठा।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम में झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर भी उपस्थित रहे। उन्होंने शहीद जवानों के पार्थिव शरीर पर पुष्प चक्र अर्पित कर नमन किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि देश की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्योछावर करने वाले जवानों का बलिदान कभी भुलाया नहीं जा सकता। राज्य सरकार इस दुख की घड़ी में शहीदों के परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है और हर संभव सहयोग प्रदान करेगी।
बता दें कि 22 जनवरी को डोडा जिले में ऑपरेशनल ड्यूटी पर जा रहा सेना का वाहन अचानक अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिर गया था। इस भीषण हादसे में 10 जवानों ने देश के लिए अपने प्राणों की आहुति दी, जबकि 11 अन्य जवान गंभीर रूप से घायल हो गए थे। सभी जवान ड्यूटी के लिए अपने तैनाती स्थल की ओर जा रहे थे।
इस हादसे में शहीद होने वालों में रांची के तिरिल निवासी अजय लकड़ा और पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले के झालदा थाना क्षेत्र अंतर्गत पुंडा गांव निवासी 24 वर्षीय प्रद्युम्न लोहारा शामिल हैं। खराब मौसम और विमान परिचालन में हुई देरी के कारण शहीदों के पार्थिव शरीर देर रात रांची पहुंच पाए।
प्रशासन के अनुसार, शनिवार सुबह शहीद प्रद्युम्न लोहारा के पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव पुंडा (झालदा, पुरुलिया) ले जाया जाएगा, जहां पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा। वहीं, शहीद अजय लकड़ा का अंतिम संस्कार रांची में राजकीय और सैन्य सम्मान के साथ संपन्न होगा।













