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मिर्जापुर: जिम की आड़ में ब्लैकमेलिंग, धर्मांतरण, हेड कांस्टेबल इरशाद समेत 6 गिरफ्तार; 5 जिम सील

On: January 24, 2026 6:26 PM
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मिर्जापुर: उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में पुलिस ने जिम की आड़ में चल रहे एक कथित बड़े धर्मांतरण रैकेट का सनसनीखेज खुलासा किया है। इस मामले में पुलिस अब तक एक GRP हेड कांस्टेबल समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि गिरोह के दो सदस्य अभी भी फरार बताए जा रहे हैं। फरार आरोपियों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है और उनके खिलाफ लुकआउट नोटिस भी जारी किया गया है।


पुलिस अधीक्षक सोमेन बर्मा ने प्रेस को जानकारी देते हुए बताया कि कोतवाली देहात थाना क्षेत्र में दो युवतियों ने अलग-अलग तहरीर देकर गंभीर आरोप लगाए थे। पीड़िताओं का कहना था कि वे जिम जाती थीं, जहां कुछ युवक पहले उनसे दोस्ती करते थे और बाद में उन्हें बहला-फुसलाकर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने लगे।


जांच में सामने आया पूरा नेटवर्क


पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि इस गिरोह का जहीर, जो ‘केजीएन-01’ नाम से जिम संचालित करता था। इसके अलावा गिरोह के अन्य सदस्य केजीएन-02, केजीएन-03, बी-फिट और आयरन फायर नामक जिमों से जुड़े हुए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने साक्ष्य सुरक्षित रखने के लिए इन सभी पांचों जिमों को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया है।


कानून के रखवाले की भूमिका ने बढ़ाई सनसनी


इस पूरे मामले में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब जांच के दौरान पुलिस विभाग के ही एक कर्मी की संलिप्तता सामने आई। पुलिस ने मुठभेड़ के बाद मुख्य आरोपी फरीद अहमद को गिरफ्तार किया। इसके कुछ ही घंटों बाद भदोही जीआरपी में तैनात हेड कांस्टेबल इरशाद खान को भी हिरासत में ले लिया गया।
अब तक गिरफ्तार किए गए आरोपियों में मोहम्मद शेख अली आलम, फैजल खान, जहीर, शादाब, फरीद अहमद और हेड कांस्टेबल इरशाद खान शामिल हैं। वहीं, गिरोह के अन्य सदस्य इमरान और लक्की अभी फरार हैं।


ऐसे काम करता था गिरोह


पुलिस के अनुसार गिरोह की कार्यप्रणाली बेहद सुनियोजित थी। आरोपी जिम में आने वाली युवतियों से पहले दोस्ती करते, फिर उनका मोबाइल नंबर हासिल करते थे। इसके बाद उन्हें घुमाने-फिराने, उपहार देने और दरगाह ले जाने के बहाने कथित तौर पर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जाता था।


यदि युवतियां इनकार करती थीं तो आरोपियों द्वारा उनसे पैसों की मांग की जाती थी। इतना ही नहीं, उनके निजी वीडियो और तस्वीरें वायरल करने की धमकी देकर दबाव बनाया जाता था।


डिजिटल सबूतों ने खोली पोल


पुलिस को आरोपियों के मोबाइल फोन से 50 से अधिक युवतियों की तस्वीरें, चैट और कई आपत्तिजनक डिजिटल साक्ष्य मिले हैं। इन सबूतों के आधार पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई तेज कर दी है।


फिलहाल पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी गहन जांच की जा रही है।

Vishwajeet

मेरा नाम विश्वजीत कुमार है। मैं वर्तमान में झारखंड वार्ता (समाचार संस्था) में कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हूं। समाचार लेखन, फीचर स्टोरी और डिजिटल कंटेंट तैयार करने में मेरी विशेष रुचि है। सटीक, सरल और प्रभावी भाषा में जानकारी प्रस्तुत करना मेरी ताकत है। समाज, राजनीति, खेल और समसामयिक मुद्दों पर लेखन मेरा पसंदीदा क्षेत्र है। मैं हमेशा तथ्यों पर आधारित और पाठकों के लिए उपयोगी सामग्री प्रस्तुत करने का प्रयास करता हूं। नए विषयों को सीखना और उन्हें रचनात्मक अंदाज में पेश करना मेरी कार्यशैली है। पत्रकारिता के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की कोशिश करता हूं।

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