रांची: झारखंड में 77वां गणतंत्र दिवस इस वर्ष पूरे उत्साह, जोश और देशभक्ति के रंग में मनाया गया। राजधानी रांची के ऐतिहासिक मोरहाबादी मैदान में आयोजित मुख्य समारोह में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने तिरंगा फहराया और परेड की सलामी ली। इस अवसर पर पूरा मैदान देशभक्ति के नारों और सांस्कृतिक रंगों से सराबोर नजर आया।

गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान राज्य की समृद्ध संस्कृति, सरकारी कल्याणकारी योजनाओं, स्वास्थ्य एवं शिक्षा क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों को दर्शाती आकर्षक झांकियां प्रस्तुत की गईं। झांकियों के माध्यम से झारखंड की आदिवासी परंपराओं, लोकसंस्कृति और विकासात्मक प्रयासों की झलक देखने को मिली, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा।
समारोह में कुल 15 प्लाटून की भव्य परेड निकाली गई। इस बार की परेड की खास बात यह रही कि पहली बार छत्तीसगढ़ पुलिस की प्लाटून ने भी हिस्सा लिया। इसके अलावा झारखंड पुलिस की 10 महिला बटालियन, गृह रक्षक बल तथा एनसीसी की टुकड़ी ने अनुशासन और समर्पण का शानदार प्रदर्शन किया।
इस अवसर पर राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने उत्कृष्ट सेवाओं के लिए झारखंड पुलिस के आठ अधिकारी और जवानों को विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया। राज्यपाल ने सम्मानित पुलिसकर्मियों को बधाई देते हुए उनके योगदान की सराहना की।
परेड निरीक्षण के पश्चात राज्यपाल ने राज्यवासियों को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने दिशोम गुरु शिबू सोरेन को भारत सरकार द्वारा पद्म विभूषण से सम्मानित किए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त की और इसके लिए केंद्र सरकार के प्रति आभार जताया। उन्होंने इसे झारखंड और राज्य की जनता के लिए गर्व का क्षण बताया।
राज्यपाल ने अपने भाषण में राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत @2047 के लक्ष्य की ओर देश तेजी से अग्रसर है।
उन्होंने विश्वास जताया कि प्राकृतिक और खनिज संसाधनों से भरपूर, युवा शक्ति और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत वाला झारखंड इस ऐतिहासिक विकास यात्रा में अग्रणी भूमिका निभाएगा। राज्यपाल ने कहा कि जनजातीय परंपराओं, सांस्कृतिक धरोहरों और ऐतिहासिक स्थलों का संरक्षण करते हुए विकास के पथ पर आगे बढ़ना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।
अपने संबोधन के दौरान उन्होंने बताया कि हाल ही में राज्य सरकार द्वारा पैसा नियमावली 2025 को अधिसूचित किया गया है, जिसका उद्देश्य जनजातीय समुदायों की पारंपरिक व्यवस्थाओं को सशक्त बनाना और सुशासन को मजबूत करना है।
अंत में राज्यपाल ने कहा कि समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखते हुए प्रगतिशील सोच के साथ झारखंड को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाना ही हमारा लक्ष्य है।











