बगोटा: कोलंबिया में बुधवार को एक दर्दनाक विमान हादसा सामने आया, जिसमें एक छोटे यात्री विमान के दुर्घटनाग्रस्त हो जाने से सभी 15 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में देश के एक मौजूदा सांसद और आगामी चुनावों में हिस्सा ले रहे एक विधायी उम्मीदवार भी शामिल हैं। इस हादसे से पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई है।
नागरिक उड्डयन प्राधिकरण और स्थानीय प्रशासन के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त विमान जुड़वां प्रोपेलर वाला बीचक्राफ्ट 1900 था, जिसे सरकारी एयरलाइन सतेना (SATENA) संचालित कर रही थी। यह विमान एक निजी कंपनी से लीज पर लिया गया था और इसे सतेना फ्लाइट 8895 के रूप में पहचाना गया है।
लैंडिंग से पहले टूटा संपर्क
विमान ने कोलंबिया के नॉर्टे डी सैंटेंडर विभाग के कुकूटा शहर से उड़ान भरी थी और इसे दोपहर में ओकाना में उतरना था। लेकिन लैंडिंग से कुछ ही समय पहले विमान का एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क अचानक टूट गया। काफी देर तक संपर्क बहाल न होने पर अधिकारियों ने खोज और बचाव अभियान शुरू किया।
बाद में जब दुर्घटनास्थल पर विमान का मलबा बरामद किया गया, तो अधिकारियों ने पुष्टि की कि विमान में सवार 13 यात्रियों और दो चालक दल के सदस्यों की मौके पर ही मौत हो चुकी थी।
सांसद और चुनावी उम्मीदवार की मौत
इस हादसे में जिन प्रमुख लोगों की जान गई है, उनमें कोलंबिया की चैंबर ऑफ डेप्युटीज के सदस्य डियोजेनेस क्विंटेरो और आगामी चुनावों में उम्मीदवार कार्लोस साल्सेडो शामिल हैं। दोनों अपने-अपने राजनीतिक दलों की टीमों के साथ यात्रा कर रहे थे।
हादसे की खबर सामने आते ही राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई। स्थानीय विधायक विलमर कैरिलो ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि यह बेहद दुखद और चिंताजनक हादसा है। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक राहत एवं बचाव कार्य अब शवों की बरामदगी और पहचान की प्रक्रिया में बदल चुका है।
दुर्गम इलाके में गिरा विमान
अधिकारीयों के मुताबिक, दुर्घटना स्थल वेनेजुएला सीमा के पास एक पहाड़ी और दुर्गम इलाके में स्थित है। इस क्षेत्र में घना जंगल और अचानक बदलने वाला मौसम अक्सर चुनौती बनता है, जिससे खोज और बचाव कार्यों में काफी कठिनाई आई। इसी कारण मलबे तक पहुंचने में समय लगा।
जांच जारी
फिलहाल इस भीषण हादसे के कारणों को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। नागरिक उड्डयन प्राधिकरण समेत संबंधित एजेंसियां दुर्घटना की विस्तृत जांच में जुटी हुई हैं। जांच पूरी होने के बाद ही हादसे की असली वजह साफ हो सकेगी।














